छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा थाना क्षेत्र के कसावाही गांव में रहने वाला आईटीबीपी (Indo-Tibetan Border Police) जवान लापता हो गया है. जवान ने परिजनों से 7 फरवरी को कॉल पर छुट्टी पर घर आने की बात कही थी. इसके बाद से जवान का अब तक कोई पता नहीं चल सका. अचानक उसके लापता होने से परिजन बेहद परेशान है. उसकी दिव्यांग मां का रो-रोकर बुरा हाल है.
जानकारी के अनुसार, जवान का नाम विनोद कुमार गोटी है. जो आईटीबीपी का जवान है और पंजाब के लुधियाना में पदस्थ है. 7 फरवरी की रात लगभग 10 बजे जवान ने अपने परिजनों से कॉल पर छुट्टी लेकर घर आने की बात कही थी. साथ ही उसे रायपुर से लेकर आने को भी कहा था, अगले दिन 8 फरवरी 2026 की सुबह परिजनों ने उसे कॉल किया, लेकिन संपर्क नहीं सका. दो दिनों तक परेशान परिजन उसे कॉल करते रहे, लेकिन बात नहीं हो सकी. बाद में उसका फोन किसी जवान ने उठाया. उसने परिजनों को जानकारी दी कि गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सामान और मोबाइल लावारिस हालात में मिला है. प्राथमिक सूचना मिलने पर परिजन गोरखपुर पहुंचे और जवान को ढूंढने के प्रयास किया. कोई सुराग नहीं मिलने पर थक-हारकर वे वापस लौट आए.
सीएम से की तलाशने की गुहार
सात फरवरी से लापता बेटे को लेकर जवान बेहद परेशान हैं. उन्हें इसे लेकर पुलिस से शिकायत की है. उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा, कांकेर कलेक्टर नीलेश महादेव क्षीरसागर और पुलिस अधीक्षक निखिल अशोक राखेचा से बेटे को जल्द से जल्द तलाशने का आग्रह किया है.
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परिजनों को बुरा हाल
करीब दो सप्ताह से बेटे विनोद के लापता होने से परिजन बेहद चिंतित हैं. उनकी दिव्यांग मां का रो-रोकर बुरा हाल है. वे अपने बेटे के सही सलामत होने की प्रार्थना कर रही हैं.
जवान की तलाश की जा रही
कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि लापता जवान चारामा कसावाही गांव का रहने वाला है, जिसकी पोस्टिंग लुधियाना पंजाब में थी. परिवार के माध्यम से उसके लातपा होने जानकारी मिली है. केस दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है.