Raipur GATE Scam: GATE एग्जाम में सेंधमारी! रायपुर में हाईटेक नकल का पर्दाफाश, मोबाइल और इयरपीस के साथ छह हिरासत में

GATE Exam Cheating Case: पूछताछ में सामने आया कि परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी प्रश्नों को पढ़कर सुनाते थे, जबकि बाहर मौजूद उनके साथी इंटरनेट या अन्य माध्यमों से उत्तर खोज कर ब्लूटूथ के जरिए वापस बताते थे. पुलिस ने परीक्षा केंद्र के भीतर छिपाकर रखे गए ब्लूटूथ उपकरण भी बरामद किए हैं. ये उपकरण कपड़ों और शरीर पर इस तरह लगाए गए थे कि सामान्य जांच में पकड़ में न आएं.

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High-Tech Exam Fraud in Raipur: छत्तीसगढ़  (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर में आयोजित ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE) परीक्षा के दौरान नकल के प्रयास का एक बड़ा मामला सामने आया है. पुलिस ने रविवार को कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें कुछ अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे थे, जबकि बाकी लोग बाहर से उन्हें उत्तर उपलब्ध करा रहे थे. पुलिस के अनुसार यह पूरा नेटवर्क इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से संचालित किया जा रहा था. परीक्षा केंद्र के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया.

गिरफ्तार आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, चार ब्लूटूथ डिवाइस, तीन ब्लूटूथ इयरपीस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं. पूछताछ में सामने आया कि परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी प्रश्नों को पढ़कर सुनाते थे, जबकि बाहर मौजूद उनके साथी इंटरनेट या अन्य माध्यमों से उत्तर खोज कर ब्लूटूथ के जरिए वापस बताते थे. पुलिस ने परीक्षा केंद्र के भीतर छिपाकर रखे गए ब्लूटूथ उपकरण भी बरामद किए हैं. ये उपकरण कपड़ों और शरीर पर इस तरह लगाए गए थे कि सामान्य जांच में पकड़ में न आएं.

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 हरियाणा से जुड़े आरोपी

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान दर्शन सहवाग, सुमित सहवाग, लक्ष्मी नारायण उर्फ लकी, अमर, नरेंद्र कुमार और बंटी कुमार के रूप में हुई है. सभी आरोपी हरियाणा के निवासी बताए जा रहे हैं. प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह संगठित तरीके से किया जा रहा प्रयास था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का नेटवर्क अन्य शहरों या परीक्षाओं से भी जुड़ा है या नहीं.

 प्रतिष्ठित परीक्षा में सेंध से उठे सवाल

GATE परीक्षा देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा मानी जाती है, जिसमें इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, वास्तुकला और अन्य विषयों की व्यापक समझ का आकलन किया जाता है. ऐसे में इस तरह की घटना ने परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गुप्त सूचना के आधार पर समय रहते कार्रवाई की गई, जिससे बड़े पैमाने पर नकल की कोशिश विफल हो गई.

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सभी 6 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.

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