कांग्रेस नेता ने वन विभाग के विश्राम गृह में की पार्टी, अनुमति नहीं लेने पर डीएफओ बोले-कार्रवाई करेंगे

Dantewada News: दंतेवाड़ा में कांग्रेस नेता शकील रिजवी ने वन विभाग के विश्राम गृह और उसके परिसर में बिना अनुमति के एक पारिवारिक कार्यक्रम का आयोजन किया. इस मामले के तूल पकड़ते ही वन विभाग एक्शन में दिखा.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
शकील रिजवी पूर्व वन मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर के करीबी बताए जाते हैं.

Congress leader Organized a party in Government Land: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा (Dantewada) में कांग्रेस नेता शकील रिजवी (Shakeel Rizvi) ने वन विभाग के विश्राम गृह में एक पारिवारिक कार्यक्रम का आयोजन किया. यह कार्यक्रम अनाधिकृत रूप से वन विभाग (Forest Department Dantewada) के विश्राम गृह तथा उसके बहुत बड़े प्रांगण में किया गया. जिसमें कांग्रेस नेता ने जमकर पार्टी की. इसकी खबर लगते ही राजनीतिक दलों के लिए यह मुद्दा बन गया. जिसके बाद भाजपा नेता इस मामले पर टूट पड़े. दरअसल, शकील रिजवी ने वन विभाग की सरकारी जमीन पर कार्यक्रम आयोजित करने के लिए परमिशन नहीं लिया था. शकील रिजवी पूर्व वन मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर (Former Minister Mohammad Akbar) के करीबी बताए जाते हैं.

वहीं इस मामले के तूल पकड़ते ही वन विभाग एक्शन में दिखा. इस संबंध में डीएफओ ने कहा कि बिना सूचना के पार्टी के लिए विश्राम गृह पर कार्यक्रम बिलकुल अनुचित है. गीदम एसडीओ और रेंजर दोनों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. वहीं पार्टी आयोजनकर्ता के खिलाफ भी वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement

चुप्पी साधे बैठा रहा वन विभाग

शकील रिजवी पूर्व की कांग्रेस सरकार में मदरसा बोर्ड के सदस्य थे. अपने पारिवारिक कार्यक्रम के लिए उन्होंने शासकीय परिसर, वो भी वन विभाग के विश्राम ग्रह तथा उसके नर्सरी क्षेत्र के बड़े भू भाग में टेंट लगाकर जमकर पार्टी की. कांग्रेस नेता की यह पार्टी रात भर चलती रही. बताया जा रहा कि इस पार्टी के आयोजन के लिए पिछले 3 दिनों से वन विभाग के परिसर में टेंट लगाया जा रहा था. वहीं वन विभाग अनाधिकृत शासकीय परिसर पर कब्जा करने को लेकर चुप्पी साधे बैठे रहा. जबकि वन अधिनियम 1975 के तहत इस तरह का कृत्य अपराध के दायरे में आते हैं. वन विभाग हाथ में हाथ धरे अपने परिसर में अनाधिकृत प्रवेश और टेंट लगाने पर पिछले 3 दिनों से मूकदर्शक बनकर बैठा रहा.

Advertisement

आयोजक और विभागीय जबाबदारों पर होगी कार्रवाई 

इस संबंध में जब वन मंडल अधिकारी डॉक्टर सागर से जानकारी ली गई तो उन्होंने साफ तौर पर किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं देने की बात कही. इसके साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग के जबाबदारों तथा आयोजक को नोटिस जारी करने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि आयोजक द्वारा किस अधिकार के तहत किसकी अनुमति से परिसर में प्रवेश करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया गया, हम इसकी जानकारी तथा अनुमति के दस्तावेज मांगेंगे. अगर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो संबंधित के खिलाफ शासकीय परिसर में अनाधिकृत प्रवेश करते हुए किए गए आयोजन के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी. साथ ही विभागीय जबाबदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी.

Advertisement

ये भी पढ़ें - Chhattisgarh में लघु वनोपज संघ की हड़ताल जारी, 14 लाख परिवारों का हो रहा नुकसान, जानें पूरा मामला

ये भी पढ़ें - MCB जिले में कहां है विकास? गड्ढे का पानी पीने को मजबूर कारीमाटी गांव के आदिवासी, इनकी गुहार सुनने वाला कोई नहीं!