Chhattisgarh Swachhata League 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरों की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए “छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग 2025‑26” शुरू की है. इसके तहत सभी नगरीय निकायों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन का नियमित सर्वे, मूल्यांकन और सत्यापन होगा. राज्य शासन ने इसके क्रियान्वयन के लिए सभी निकायों को परिपत्र जारी किया है, ताकि साफ‑सफाई की व्यवस्था में पारदर्शिता और लगातार सुधार सुनिश्चित हो सके.
नई पहल: स्वच्छता लीग का शुभारंभ
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 10 मार्च को रायपुर में आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग की शुरुआत की. इस पहल का उद्देश्य है कि ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करना, नागरिकों के स्वास्थ्य में सुधार लाना और शहरों की स्वच्छता रैंकिंग को बेहतर बनाना.
सभी निकाय होंगे कवर
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मंत्रालय से नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को परिपत्र जारी कर दिया है. इसमें कहा गया है कि सतत सफाई व्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन के दावों का नियमित मूल्यांकन और सत्यापन स्वच्छता लीग के अंतर्गत किया जाएगा. सभी निकायों को इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देना होगा.
पिछली घोषणाओं का पालन
परिपत्र में याद दिलाया गया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 अगस्त को बिलासपुर में स्वच्छता समागम के दौरान इस लीग की घोषणा की थी. सर्वे के टूलकिट का अंग्रेजी संस्करण 17 सितंबर और हिंदी संस्करण 29 सितंबर को जारी किया जा चुका है, ताकि निकायों को स्पष्ट दिशा‑निर्देश मिलें.
क्यूसीआई करेगी सर्वे और मूल्यांकन
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) को सर्वेक्षण और मूल्यांकन के लिए अधिकृत किया गया है. एजेंसी द्वारा नियुक्त मूल्यांकनकर्ता स्थल निरीक्षण, वर्तमान सुविधाओं का ऑन‑ग्राउंड अवलोकन और दस्तावेजी प्रमाण एकत्र करेंगे. पूरी प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल, दिशा‑निर्देश और टूलकिट के अनुरूप संचालित होगी.
स्थल निरीक्षण से पहले व्यापक तैयारी
विभाग ने सभी निकायों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र में नागरिकों, स्वच्छता कर्मियों, पर्यवेक्षकों, अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों/प्रबंधकों को सर्वेक्षण से पहले ही अवगत कराएं. स्थानीय सक्षम प्राधिकरण स्पष्ट निर्देश जारी करें, ताकि मूल्यांकन सरल, पारदर्शी और निर्बाध रूप से हो सके.
उच्च प्राथमिकता और समन्वय
स्वच्छता लीग के कामों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है. राज्य स्तरीय सर्वेक्षण के सुचारू और प्रभावी संचालन के लिए सभी निकायों को पूर्ण सहयोग देना होगा. लक्ष्य है कि बेहतर स्वच्छता, मजबूत अपशिष्ट प्रबंधन और बेहतर स्वच्छता रैंकिंग.