Fraud for Job in Chhattisgargh: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur) में फर्जी डिग्री और सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किए गए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस पूरे मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
यह मामला करीब 2 करोड़ 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है. दरअसल, शिकायतकर्ता संजय निराला ने 17 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों ने पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने और फर्जी प्रमाण पत्र देने का झांसा देकर उनसे और उनके रिश्तेदारों से बड़ी रकम ऐंठ ली है. पैसे लेने के बावजूद आरोपियों ने न तो नौकरी दिलाई और न ही कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध कराया.
एक और आरोपी साक्षी सिंह गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश निवासी साक्षी सिंह को गिरफ्तार किया है. आरोपियों को दिल्ली से पकड़ा गया, जहां वह रह रही थी. पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनके नेटवर्क (लिंकेज) के आधार पर साक्षी सिंह की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया.
फर्जी MBBS और BAMS डिग्री तैयार करने का काम
पूछताछ में साक्षी सिंह ने स्वीकार किया कि वह एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर फर्जी एमबीबीएस (MBBS) और बीएएमएस (BAMS) की डिग्रियां तैयार कर आरोपियों को उपलब्ध कराती थी. इन फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल लोगों को गुमराह करने और उनसे पैसे ठगने के लिए किया जाता था.
मोबाइल फोन जब्त, जांच जारी
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 3 मोबाइल फोन जब्त किए हैं. इन डिवाइसेस की जांच के जरिए पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है.
पहले ही 4 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस पहले ही चार आरोपियों भुनेश्वर बंजारे, नरेश मनहर, हीरा दिवाकर और राकेश रात्रे—को गिरफ्तार कर चुकी है. इन सभी के खिलाफ थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 96/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
किन धाराओं में दर्ज है मामला
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 335, 336(2), 338(3), 340(1), 340(2), 3(5) और 111 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. ये धाराएं धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित हैं.
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रायपुर पुलिस की यह कार्रवाई संगठित ठगी के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है. जांच एजेंसियां अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही हैं.
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