छत्तीसगढ़: अफीम खेती पर सियासत गर्म! कांग्रेस ने कई जिलों में घेरे BJP कार्यालय, पूर्व गृहमंत्री ने लगाए आरोप

छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के खुलासे के बाद राजनीति गर्मा गई है. दुर्ग से शुरू हुआ मामला अब कई जिलों में कांग्रेस के बड़े प्रदर्शनों का कारण बन गया है. कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर अफीम की खेती और नशे के कारोबार को संरक्षण देने का आरोप लगाया है.

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Chhattisgarh Opium Farming Controversy: दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद पूरे छत्तीसगढ़ की राजनीति अचानक तेज हो गई है. इस खुलासे ने पूरे प्रदेश में बवाल खड़ा कर दिया है. कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सीधे आरोप लगाया है कि अफीम की खेती और नशे के कारोबार को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है. इसी आरोप को लेकर गुरुवार को कांग्रेस ने प्रदेशभर के भाजपा कार्यालयों का घेराव किया. कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी रैलियों के रूप में पहुंचे, वहीं पुलिस ने पहले से बैरिकेड लगाकर तैयारी कर रखी थी. कई जगह कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और हल्की झूमाझटकी भी देखने को मिली. कांग्रेस ने अवैध अफीम खेती की पूरी जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठाई है.

दुर्ग: पूर्व गृह मंत्री की अगुवाई में घेराव

दुर्ग में कांग्रेस का सबसे बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला. राज्य के पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू खुद कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा कार्यालय के बाहर पहुंचे. उन्होंने कहा कि अफीम की खेती भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के संरक्षण में की जा रही है. साहू ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई में जानबूझकर देरी हुई और मुख्य आरोपी को बचाने की कोशिश की गई. पुलिस ने यहां ड्रोन से लगातार निगरानी की और भारी सुरक्षा बल तैनात रहा.

रायगढ़: कांग्रेस–पुलिस में तीखी नोकझोंक

रायगढ़ में जिला कांग्रेस कमेटी भाजपा कार्यालय पहुंची, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया. इससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि छत्तीसगढ़, जिसे “धान का कटोरा” कहा जाता था, अब “अफीम का कटोरा” बनता जा रहा है. यहां भी मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई गई.

कोंडागांव: बैरिकेडिंग के बीच धक्का–मुक्की

कोंडागांव में अफीम खेती उजागर होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा कार्यालय घेरने का एलान किया था. पुलिस ने पहले से बैरिकेड लगाकर तैयारी कर ली थी. कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर पुलिस और कांग्रेस के बीच हल्की झूमाझटकी हुई. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार प्रदेश को नशे का गढ़ बना रही है और वे इसे किसी भी हालत में होने नहीं देंगे.

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बिलासपुर: अफीम तस्करी को संरक्षण का आरोप

बिलासपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बड़ी भीड़ भाजपा कार्यालय के बाहर जुटी. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में नशे का कारोबार भाजपा नेताओं की शह पर चल रहा है और सरकार इसे रोकने में नाकाम साबित हो रही है. प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और झूमाझटकी की स्थिति बनी, हालांकि पुलिस ने हालात संभाल लिए. कांग्रेस ने यहां भी निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई.

धमतरी: युवा पीढ़ी पर असर का सवाल

धमतरी में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अवैध अफीम की खेती खुलेआम हो रही है और इसका सीधा असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है. कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय घेरने पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इससे हल्की नोकझोंक हुई. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की शह न होती तो इतनी बड़ी अवैध खेती संभव ही नहीं थी.

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गरियाबंद: हाईवे पर ही रोक दी रैली

गरियाबंद में कांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय घेरने निकले, लेकिन पुलिस ने हाईवे पर ही बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया. इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और वहां झूमाझटकी की स्थिति पैदा हो गई. गुस्साए कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग फिर दोहराई.

सुकमा: आरोपी को बचाने का आरोप

सुकमा में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया. उनका आरोप था कि अवैध अफीम खेती में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर की भूमिका गंभीर है, लेकिन उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस ने कहा कि केवल निलंबन काफी नहीं है. दोषियों को तुरंत पार्टी से बाहर किया जाना चाहिए और पूरी जांच कड़ाई से होनी चाहिए.

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