छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर शिकंजा, 13 महीने में हुई 2599 गिरफ्तारी 

छत्तीसगढ़ में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है. पिछले 13 महीनों में 1,434 मामलों में 2,599 आरोपियों की गिरफ्तारी और 20,089 किलोग्राम गांजा सहित 3,00,408 नशीली दवाओं की जब्ती हुई है.

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Drug trafficking Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में नशे के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. पिछले 13 महीनों में राज्य में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के 1,434 मामलों में 2,599 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस दौरान 20,089 किलोग्राम गांजा और 3,00,408 नशीली गोलियों/कैप्सूल समेत अन्य पदार्थ जब्त किए गए. उपमुख्यमंत्री व गृह विभाग के प्रभारी विजय शर्मा ने विधानसभा में यह जानकारी देते हुए कहा कि तस्करी रोकने के लिए लगातार और असरदार कार्रवाई जारी है.

13 महीनों का बड़ा एक्शन

पिछले 13 महीनों में 1,434 प्रकरण दर्ज हुए और 2,599 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. कुल 20,089 किलोग्राम गांजा और 3,00,408 नशीली दवाओं (गोलियां/कैप्सूल आदि) की बरामदगी की गई. यह आंकड़े राज्य में व्यापक पैमाने पर की गई कार्रवाइयों को दर्शाते हैं.

विधानसभा में उठे सवाल

विधानसभा में बीजेपी के वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर और विधायक धरमलाल कौशिक ने नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मुद्दा उठाया. आरोप लगाया गया कि चरस, गांजा, ब्राउन शुगर, हेरोइन, अफीम, डोडा और नशीली गोलियों की तस्करी रोकना बेहद मुश्किल हो गया है और तस्करों का नेटवर्क राज्य भर में फैल चुका है.

उपयोगकर्ताओं के आंकड़े और बढ़ती चिंता

नेशनल सर्वे डेटा (एम्स और केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय का हवाला) के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में अफीम और ‘इंजेक्टेबल ड्रग्स' लेने वालों की संख्या 1.5 से 2 लाख के बीच बताई गई, जबकि गांजा इस्तेमाल करने वालों की संख्या 3.8 से 4 लाख के बीच आंकी गई. 10–17 आयु वर्ग के 40,000 से ज्यादा बच्चे ‘इनहेलेंट' और कफ सिरप के आदी बताए गए, और हर साल 250–300 मौतें/आत्महत्या नशे व मानसिक तनाव से जुड़ी होने का दावा किया गया.

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‘कड़ाई से कार्रवाई जारी'

गृह विभाग के प्रभारी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह कहना गलत है कि कोई कार्रवाई नहीं हो रही. सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ अवैध तस्करी पर लगाम कस रही है और सभी पहलुओं पर काम हो रहा है.

2025 में दर्ज मामले और जब्तियां

वर्ष 2025 में कुल 1,288 मामले दर्ज किए गए और 2,342 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई. इस दौरान जब्त किए गए पदार्थों में 16,999.7 किग्रा गांजा, 141 ग्राम ब्राउन शुगर, 1,259 ग्राम अफीम, 2.039 किग्रा हेरोइन, 27.68 ग्राम चरस, 23.56 ग्राम कोकीन, 70.46 ग्राम एमडीएमए, 1,524 किग्रा डोडा और 2,41,138 नशीली दवाएं शामिल रहीं.

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2026 (31 जनवरी तक) की स्थिति

साल 2026 में 31 जनवरी तक 146 प्रकरणों में 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. जब्तियों में 3,090 किग्रा गांजा, 8.85 ग्राम ब्राउन शुगर, 277.2 ग्राम अफीम, 123.8 ग्राम हेरोइन, 15.29 किग्रा डोडा और 59,270 नशीली दवाएं शामिल हैं. ये आंकड़े दिखाते हैं कि नए साल की शुरुआत में भी कार्रवाई का सिलसिला जारी है.

नेटवर्क और ‘ड्रग यूज़ उपकरण' पर निगरानी

रायपुर और दुर्ग में ‘गोगो पाइप', ‘स्मोकिंग कोन' और ‘रोलिंग पेपर' जैसे ड्रग उपयोग के उपकरणों की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, ताकि सप्लाई चेन और ‘यूज़‑इनेबलिंग' सामान पर भी अंकुश लगे.

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जिम्मेदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई

विभाग ने तस्करी में शामिल पाए गए अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की है. 2025 में 16 आरोपियों की 13.29 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई. वर्ष 2024 से 31 जनवरी 2026 तक पीआईटी‑एनडीपीएस के तहत 145 आदतन अपराधियों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है.

टास्क फोर्स और संसाधनों का विस्तार

सरकार ने सभी जिलों में विशेष कार्यबल बनाए हैं. 10 जिलों में ‘एंटी‑नारकोटिक्स टास्क फोर्स यूनिट' के लिए 100 नए पदों को मंजूरी दी गई है, जिससे फील्ड‑एक्शन, खुफिया जानकारी और समन्वय में तेजी आएगी.