chhattisgarh assembly session: राजधानी रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को को धान खरीदी केंद्रों में कथित धान चोरी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला. विपक्ष ने शून्यकाल के दौरान इस मामले को उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इसे स्वीकार नहीं किया गया.
इससे विपक्षी विधायक नाराज हो गए और हंगामा शुरू कर दिया. विपक्ष के विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के बेल तक पहुंच गए और जमकर हंगामा करने लगे. स्थिति बिगड़ने पर सदन की कार्यवाही बाधित हुई और हंगामे के बीच विपक्ष के करीब 30 विधायकों को निलंबित कर दिया गया.
महंत बोले- चूहों के खाने का बनाया जा रहा बहाना
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने आरोप लगाया कि किसानों के धान का नुकसान हो रहा है और धान में हो रहे भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए “चूहों द्वारा खा जाने” का बहाना बनाया जा रहा है.
बघेल बोले- 4 हजार 6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ
वहीं, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार की नीति बदलने से मिलिंग और धान उठाव प्रभावित हुआ है, जिससे लगभग 4 हजार 6 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और 22 लाख क्विंटल से अधिक धान का शॉर्टेज सामने आया है. विपक्ष ने इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग की.
फिटनेस और ओवरलोडिंग पर भी हंगामा
विधानसभा में वाहनों की फिटनेस और ओवरलोडिंग के मुद्दे पर भी जमकर हंगामा हुआ. विधायक ओंकार साहू ने प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में व्यावसायिक वाहनों को बिना भौतिक सत्यापन के दिए गए फिटनेस प्रमाणपत्र की जिलेवार जानकारी मांगी. इस पर मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि ओवरलोडिंग, बिना परमिट और बिना बीमा संचालन के 77,810 प्रकरण बनाए गए, जिनसे करीब 42 करोड़ रुपये की वसूली हुई है. उन्होंने कहा कि बिना भौतिक परीक्षण के कोई फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया और इस संबंध में जानकारी निरंक है. जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने हंगामा करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया.