छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को दुर्ग जिले में भाजपा नेता विनय ताम्रकार की बहनों की जमीन पर अफीम की खेती के मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला. नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को “धान के कटोरे” की जगह 2047 तक “अफीम का कटोरा” बनाना चाहती है. उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासनिक अमले की भी भूमिका संदिग्ध है. मामले की जांच जांच स्वतंत्र समिति या सीबीआई से कराई जानी चाहिए.
कांग्रेस के संरक्षण में हो रही रही थी खेती
पूर्व सीएम बघेल ने लगया मामले को कमजोर करने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि कलेक्टर ने विनय ताम्रकार को मुख्य आरोपी बताया है, लेकिन एफआईआर में उसके नौकर को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जबकि विनय ताम्रकार का नाम तीसरे नंबर पर रखा गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर में जमीन के रकबे और मालिक का भी उल्लेख नहीं किया गया, जिससे स्पष्ट है कि पुलिस मामले को कमजोर करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी फार्म हादस की जांच कराई जानी चाहिए.