यूपी या बिहार नहीं... कोरिया में बना है ये छठ घाट, मन मोह लेगी खूबसूरती!

Chhath Puja 2024: कोरिया में बने छठ घाट की खूबसूरती भी सुर्खियों में है. यहां घाट को जिस तरह से सजाया गया है वह किसी का भी मन मोह सकता है. 

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Chhath Puja 2024: देश के कई हिस्सों में छठ पूजा को लेकर खूब उत्साह है. इस दौरान छठ पूजा के लिए विशेष रूप से छठ घाट भी बनाए गए हैं. देश भर में जहां छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अरपा नदी के तट पर बने एशिया के सबसे बड़े छठ घाट की चर्चा है, तो वहीं अब कोरिया में बने छठ घाट की खूबसूरती भी सुर्खियों में है. यहां घाट को जिस तरह से सजाया गया है वह किसी का भी मन मोह सकता है. 

कोरिया जिले में छठ की छटा देखते ही बनती है. घाट सजकर तैयार हैं. हर तरफ छठ गीत बज रहे हैं. मंगलवार को नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत हुई. व्रतियों ने छठ व्रत का संकल्प लिया. बुधवार को घाट बंधान के बाद व्रतियों ने शाम को खीर बनाकर भगवान सूर्य की पूजा की और भोग लगाया. इसके बाद 36 घंटे निर्जला व्रत शुरू होगा.

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छठ घाटों पर डूबते सूर्य को देंगे अर्घ्य 

गुरुवार को व्रती छठ घाटों पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे. वहीं शुक्रवार को उगते सूर्य के अर्घ्य के साथ महापर्व का समापन होगा. शहर से लेकर गांवों तक तैयारी की गई है. जिले के प्रमुख 10 घाटों पर बड़े आयोजन हो रहे हैं. सभी घाटों पर आकर्षक तरीके से सजाया गया है.

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छठ घाटों पर 18-18 गोताखोर तैनात

कोरिया और एमसीबी जिले के छठ घाटों पर 18-18 गोताखोर तैनात रहेंगे. चार दिवसीय पर्व के दौरान छठी मैया और सूर्य देव की पूजा का विधान है. खरना की परंपरा छठ पूजा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी गई है. खरना का अर्थ है शुद्धता. इस दिन छठी मैया का आगमन होता है. इसके बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाता है. 

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