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This Article is From Aug 05, 2025

बिलासपुर-रायपुर हाईवे की जर्जर स्थिति पर HC सख्त, प्रोजेक्ट मैनेजर को इसी रास्ते से यात्रा कर पेश होने का आदेश

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में स्पष्ट करते हैं कि अब इसकी अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी और अब हर सुनवाई पर अधिकारी को इसी सड़क मार्ग से बुलवाया जाएगा. सिर्फ कागजी खानापूर्ति नहीं, अब वास्तविक सुधार जरूरी है.

बिलासपुर-रायपुर हाईवे की जर्जर स्थिति पर HC सख्त, प्रोजेक्ट मैनेजर को इसी रास्ते से यात्रा कर पेश होने का आदेश

Chhattisgarh High Court: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (Bilaspur-Raipur Highway) की बदहाल हालत पर नाराजगी जताते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया है. लगातार दायर किए जा रहे हलफनामों को 'उद्देश्य की पूर्ति में विफल' करार देते हुए हाईकोर्ट ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर को मंगलवार 5 अगस्त को स्वयं पेश होने का निर्देश दिया है.

बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग याचिका पर मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की युगलपीठ ने सुनवाई की. 

लगातार हलफनामों से असंतुष्ट कोर्ट ने NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर को 5 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और उसी जर्जर हाईवे से यात्रा कर कोर्ट आने का निर्देश दिया है, ताकि वो आमजन की पीड़ा महसूस कर सकें.

बिलासपुर-रायपुर हाईवे की बदहाल स्थिति पर हाईकोर्ट की नाराजगी

मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की पीठ ने कहा कि अब केवल कागजी जवाब नहीं, जमीनी हकीकत जरूरी है. कोर्ट ने हाईवे पर मलबा, गंदगी और लावारिस निर्माण सामग्री पर भी नाराजगी जताई और NHAI के अधिवक्ता वानखेड़े से तीखे सवाल पूछे.

कोर्ट की टिप्पणी- 'लापरवाही नहीं, वास्तविक सुधार जरूरी'

अदालत ने स्पष्ट किया कि अब हर सुनवाई पर संबंधित अधिकारी को इसी रास्ते से बुलाया जाएगा. अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी. बेंच ने कहा कि अब लापरवाही नहीं, वास्तविक सुधार जरूरी है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, 'राष्ट्रीय राजमार्गों पर गंदगी, मलबा और निर्माण सामग्री पड़ी हुई है. लोग और जानवर अपनी जान गंवा रहे हैं. NHAI इस स्थिति पर ध्यान देने में विफल रहा है.'

बेंच से NHAI ने पूछे तीखे सवाल

कोर्ट ने कहा कि अब केवल औपचारिक हलफनामों से काम नहीं चलेगा. जब तक संबंधित अधिकारी स्वयं सड़क की दुर्दशा का अनुभव नहीं करेंगे, तब तक सुधार की उम्मीद नहीं की जा सकती. सुनवाई के दौरान एनएचएआई के अधिवक्ता वानखेड़े से मुख्य न्यायाधीश ने तीखे सवाल पूछते हुए कहा, 'मिस्टर वानखेड़े, आप तो रोज रायपुर जाते होंगे, क्या आपने इस हाईवे की हालत देखी है? सड़क पर जो स्टॉपर्स और मटेरियल मेंटेनेंस के नाम पर फेंके जाते हैं, वो लावारिस हालत में बिखरे रहते हैं. क्या आप चाहते हैं कि पब्लिक उन्हें उड़ाते चले?'

कोर्ट ने यह भी कहा कि पेंचवर्क के नाम पर जो मटेरियल सड़क पर डाला जाता है, उससे गंदगी फैल रही है और हर समय दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है.

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