Tekalguda Naxal Attack: इस खूंखार नक्सली ने रची थी टेकलगुड़ा हमले की साजिश, 3 जिलों की पुलिस कर रही है तलाश 

Tekalguda Naxal Attack: बस्तर के सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा के इलाके में इसकी पैठ सबसे ज्यादा है. बस्तर के कई थानों में इसके खिलाफ अपराध दर्ज हैं. बस्तर पुलिस इसकी लम्बे समय से तलाश भी कर रही है. इसे हालही में हिड़मा की जगह नक्सलियों की बटालियन नंबर 1' का कमांडर बनाया गया था.

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Tekalguda Naxal Attack Master Mind: छत्तीसगढ़ के टेकलगुड़ा में जवानों पर हमला करने का मास्टरमाइंड नक्सली देवा को माना जा रहा है. इसने अपनी टीम के साथ मिलकर जवानों को नुक्सान पहुंचाने की न केवल योजना बनाई, बल्कि अपने साथियों को इकट्ठा करके बड़ी घटना को अंजाम भी  दिया. इसमें सबसे बड़ी बात ये सामने आई है कि टेकलगुड़ा में कैंप खुलने की खबर लीक हो गई थी, जिससे नक्सलियों को यहां इकट्ठा होकर हमला करने का बड़ा मौका मिल गया. 

बता दें कि बीजापुर और सुकमा जिले के बॉर्डर का टेकलगुड़ा गांव खूंखार नक्सली हिड़मा और बारसे देवा का गढ़ है. नक्सलियों के इसी इलाके को भेदने  के लिए टेकलगुड़ा गांव में कैंप खोलने के लिए मंगलवार को एकाएक सुरक्षा बलों के जवान पहुंचे थे. यहां कैंप लगाने की तैयारी चल ही रही थी कि इस बीच नक्सलियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. छत्तीसगढ़ में बीजापुर और सुकमा जिले की सरहद पर टेकलगुड़ा में नक्सलियों ने जवानों पर करीब एक हजार BGL और रॉकेट लॉन्चर दागे. AK-47, स्नाइपर, LMG, SLR जैसे आधुनिक हथियारों से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं गई. इस दौरान कई BGL और रॉकेट लॉन्चर फट गए, जिससे जवानों को काफी नुकसान हुआ. वहीं, कई को पुलिस ने जिंदा बरामद कर लिया है. 

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जानिए कौन है खूंखार नक्सली देवा 

बारसे देवा सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का रहने वाला है. यह गांव खूंखार नक्सली हिड़मा और देवा का गांव है. बस्तर में हुई कई घटनाओं में ये शामिल रहा है. माना जाता है कि साल 2023 को हुए झीरम हमले में भी ये शामिल रहा है. इस घटना में दो दर्जन से ज्यादा कांग्रेसी नेताओं की मौत हो गई थी. बस्तर के सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा के इलाके में इसकी पैठ सबसे ज्यादा है. बस्तर के कई थानों में इसके खिलाफ अपराध दर्ज हैं.  बस्तर पुलिस इसकी लम्बे समय से तलाश भी कर रही है. इसे हाल ही में हिड़मा की जगह नक्सलियों की बटालियन नंबर 1' का कमांडर बनाया गया था. बस्तर के IG पी. सुंदरराज और DIG कमलोचन कश्यप ने बताया कि हिड़मा की जगह नक्सलियों की बटालियन नंबर 1' का कमांडर बनाया है. टेकलगुड़ा की इस घटना को इसी के नेतृत्व में अंजाम दिया गया है. 

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ग्रामीण महिलाओं की आड़ में नक्सलियों ने किया हमला 

बताया जा रहा है कि, ग्रामीण महिलाओं की आड़ में करीब 800 से ज्यादा नक्सलियों ने फोर्स पर हमला किया था.  नक्सलियों को अपने मुखबिर के माध्यम से यहां जवानों के आने की खबर पहले से ही मिल गई थी. यह खबर लीक होने के बाद नक्सलियों को अपने लड़ाकों और असलहा बारूद इकट्ठा करने के लिए समय मिल गया था, जिसके बाद नक्सली पूरी तैयारी कर बैठे थे. जैसे ही जवान वहां पहुंचे, तो नक्सलियों ने हमला कर दिया, दोनों तरफ से हुई इस मुठभेड़ में 3 जवानों ने शहादत दी, जबकि 14 जवान घायल हो गए. वहीं, पुलिस ने दावा है कि इस मुठभेड़ में करीब 8 से 10 नक्सली भी मारे गए हैं. वहीं, 20 से 30 नक्सली घायल हैं, जिन्हें नक्सली अपने साथ लेकर चले गए.

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नक्सलियों पर भारी पड़े जवान 

साल 2021 में इसी टेकलगुड़ा में सर्चिंग पर निकले जवानों पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था. उस समय भी नक्सली कमांडर हिड़मा के नेतृत्व में करीब 500 नक्सलियों ने फोर्स को घेर लिया था. दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में 23 जवानों ने शहादत दी थी, जबकि कई जवान घायल भी हुए थे. हालांकि, उस समय पुलिस को बैकफुट पर जाना पड़ा था. हिड़मा  के घर में पुलिस कैंप स्थापित करने पर तीन जवानों की शहादत हुई. हालांकि, पुलिस नक्सलियों को भी भारी नुकसान होने की बात कह रही है. फोर्स ने माओवादियों को उन्हीं के गढ़ में ही बैकफुट पर जाने को मजबूर कर दिया.

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