Chhattisgarh Illegal Mining Action: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में अवैध खनन, भंडारण और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर खनिज विभाग ने विशेष अभियान चलाया, जिसमें बड़ी संख्या में मामले सामने आए हैं. प्रशासन की इस सख्ती से अवैध खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है.
डेढ़ महीने में 211 प्रकरण दर्ज
खनिज विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बीते डेढ़ महीने में कुल 211 मामले दर्ज किए गए हैं. इन सभी प्रकरणों में विभाग ने 58 लाख रुपये से अधिक के अर्थदंड का प्रस्ताव बनाया है. विभाग लगातार अवैध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है.
अवैध उत्खनन के 141 मामले सामने आए
अधिकारियों के मुताबिक, अवैध उत्खनन के 141 प्रकरण दर्ज किए गए हैं. इनमें 138 मामले अवैध ईंट निर्माण से जुड़े हैं, 1 मामला रेत उत्खनन का और 2 मामले मुरूम उत्खनन के हैं. ये आंकड़े जिले में अवैध गतिविधियों की गंभीर स्थिति को उजागर करते हैं.
अवैध परिवहन के 65 प्रकरण दर्ज
इसके अलावा अवैध परिवहन के 65 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें 56 मामले अवैध रेत परिवहन, 6 मामले चूना पत्थर और 3 मामले अवैध ईंट परिवहन के शामिल हैं.
लिमतरा क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण की सूचना पर खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए 2 ट्रैक्टर और करीब 120 घन मीटर रेत जब्त की. यह कार्रवाई अवैध भंडारण के खिलाफ एक बड़ी पहल मानी जा रही है.
कोट गांव में अवैध ईंट भट्ठे पर बड़ी कार्रवाई
कसडोल विकासखंड के कोट गांव में खनिज विभाग ने एक ही स्थान पर संचालित अवैध चिमनी भट्ठे के खिलाफ कार्रवाई की. यहां से करीब 7 लाख ईंटों से जुड़ा प्रकरण दर्ज किया गया. यह कार्रवाई अवैध ईंट निर्माण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है.
कानूनी धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
सभी मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 और छत्तीसगढ़ खनिज (उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण) नियम 2009 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. विभाग द्वारा कुल 58 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड प्रस्तावित किया गया है.
अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं होंगी: जिला खनिज अधिकारी
जिला खनिज अधिकारी अवधेश बारीक ने स्पष्ट कहा कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि आगे भी जांच, निरीक्षण और छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेंगे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.