'सीधी पेशाब कांड' के पीड़ित दशमत रावत को भूल गए शिवराज और कमलनाथ! भीम आर्मी का करेंगे समर्थन

सीधी पेशाब कांड के पीडि़त दशमत रावत की हालत खराब है. पेशाब कांड के बाद शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें अपने घर बुलाया था और कहा था-ये कृष्ण-सुदामा की दोस्ती है. कमलनाथ के साथ-साथ राहुल और प्रियंका गांधी ने भी पूरे कांड को मुद्दा बनाया था लेकिन अब न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष की ओर से कोई उनकी सुध ले रहा है.

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Sidhi Urination Case: इसी साल 5 जुलाई को मध्यप्रदेश के सीधी जिले (Sidhi District) के कुवरी करौंदी गांव का एक वीडियो देश-विदेश में खूब वायरल हुआ था. जिसमें आदिवासी युवक दशमत रावत (Dashmat Rawat) पर पेशाब करने की घटना हुई थी. इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हो गए थे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं प्रियंका गांधी (Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi) के साथ-साथ कमलनाथ (Kamalnath) ने भी इसे अमानवीय घटना बताते हुए ट्वीट किया था. खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने दशमत को अपने घर बुलाया और उसके पैर धोकर माफी मांगी. लेकिन अब पांच महीने बाद दशमत फिर से गुमनाम हो गए हैं. उनकी सहायता करने के लिए न तो सरकार की ओर से कोई आगे आया है और न ही विपक्ष के वे नेता जो तब इसे बड़ा मुद्दा बता रहे थे. जबकि वीडियो वायरल होने के बाद सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के लोग दिन भर में दो बार पहुंच रहे थे.

सीधी पेशाब कांड के पीड़ित दशमत रावत से बात की हमारे संवाददाता अमित सिंह ने

दरअसल NDTV जब दशमत रावत के गांव पहुंचा तो उनकी बेहाली का खुलासा हुआ. खुद दशमत ने हमारे संवाददाता अमित सिंह से कहा कि अब न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष की ओर से कोई उनका हालचाल जानने आता है. अब हालत ये है कि उन्हें उधार मांग कर घर चलाना पड़ रहा है. थोड़ा और कुरेदने पर दशमत फूट पड़े.

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उन्होंने बताया कि मुझे पानी पीने के लिए सिर्फ हैंडपंप  मिला है. इसके अलावा मेरा कोई काम नहीं हुआ है. घर का काम भी अधूरा पड़ा है. नौकरी दिलाने और सड़क बनाने का आश्वासन मिला था लेकिन इस संबंध में भी कोई काम नहीं हुआ.

जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उनसे मिले थे तब उन्होंने अपना फोन नंबर दशमत को दिया था. और कहा था कि ये कृष्ण-सुदामा जैसी दोस्ती है. लेकिन अब दशमत का दावा है कि CM फोन भी नहीं उठाते हैं. 
दशमत को दिक्कत ये भी है कि पेशाब कांड के बाद सीधी कलेक्टर ने उन्हें जो 5 लाख का चेक दिया था उसे उन्होंने अपने घर बनाने में लगा दिया जो अब भी अधूरा है. इसके अलावा हर समय पुलिस उनके साथ रहती है जिससे उन्हें कहीं आने-जाने में भी परेशानी होती है. दशमत ने बताया कि कांग्रेस की ओर से भी कोई झांकने नहीं आया. उनका दावा है कि केवल भीम आर्मी के लोग उनके पास पहुंचे हैं. दशमत का कहना है कि वे इस चुनाव में भीम आर्मी का ही समर्थन करेंगे और उसके लिए प्रचार भी करेंगे. 

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