कांग्रेस का किसानों पर बड़ा दांव, कमलनाथ बोले- बकाया माफ, मुकदमे साफ

मध्यप्रदेश में चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं राज्य में पाटियों की सक्रियता बढ़ती जा रही है. अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों को लुभाने के लिए पांच बड़ी घोषणाएं की हैं. कांग्रेस का दावा है कि उनकी सरकार बनी तो वे राज्य में कृषि न्याय योजना लागू करेंगे.

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मध्यप्रदेश में अभी चुनाव में तीन महीने से अधिक का वक्त बचा है लेकिन राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियों की ओर लोकलुभावन घोषणाओं की बौछार जारी है. अब राज्य के पूर्व CM और राज्य कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने ऐलान किया है कि यदि राज्य में हमारी सरकार बनती है तो फिर हम कृषि न्याय योजना लागू करेंगे. कमलनाथ ने इसके तहत पांच बड़ी घोषणाएं की हैं. उन्होंने भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में इसका ऐलान किया. 

 

 प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की शिवराज सरकार पर जमकर खिंचाई की. कमलनाथ ने कहा- उन्होंने आगे कहा कि आज राज्य में किसान खाद के लिए भटक रहा है. यदि किसान अपनी आवाज उठाता है तो फिर उस पर FIR और मुकदमा होता है. उन्हें जेल भेज दिया जाता है.

बीजेपी किसानों को लेकर झूठे वादे करती है. पहले कहा गया था कि किसानों की आय दोगुनी की जाएगी और खेती को लाभ का धंधा बनाया जाएगा. लेकिन आज हालात क्या हैं ये किसी से छुपा नहीं है.  

कमलनाथ

मध्यप्रदेश, कांग्रेस अध्यक्ष

शिवराज जी ने मध्यप्रदेश को अंधकार युग में धकेल दिया है जो शिवराज विपक्ष में रहकर कहते थे बिजली के बिल मत चुकाना मामा है ना ... और कहते थे इनवर्टर मत खरीदना आज उन्हीं मामा जी ने मध्य प्रदेश को इनवर्टर की जगह जनरेटर युग में धकेल दिया है. किसान भाइयों का सम्मान करने के बजाय शिवराज सरकार ने 18 सालों में किसानों के साथ अन्याय किया है, किसानों को एमएसपी पर दिए जाने वाला बोनस बंद कर दिया है जब उसे खाद की जरूरत होती है तो किसान को खाद नहीं मिलता, बीज की जरूरत होती है तो बीज नहीं मिलता और जब फसल पककर तैयार होती है तो सही न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलता.

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शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री के सामने रीवा के कार्यक्रम में झूठी घोषणा कर दी कि किसानों की आमदनी दोगुनी और अधिक हो गई है जबकि सच्चाई यह है कि मध्यप्रदेश में किसानों की आमदनी पहले से और कम हो गई है.

मोदी सरकार की संसदीय समिति ने दिसंबर 2022 में यह बताया है कि मध्य प्रदेश देश के उन 4 राज्यों में शामिल है जिसके किसानों की आमदनी बहुत अधिक घट गई है साल 2015 में जो आमदनी ₹9700 प्रति माह थी वह घटकर 8339 रुपए प्रतिमाह हो गई है देश के सभी बड़े राज्यों में आमदनी के मामले में मध्य प्रदेश का किसान बहुत नीचे है.

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इस मामले में कांग्रेस पर पलटवार करते हुए गृहमंत्री और सरकार के प्रवक्ता डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा, जिन्होंने किसानों से धोखा किया, वे न्याय की बात कर रहे हैं। 5 हॉर्स पावर तक के किसानों के पंप के बिल माफ करने की घोषणा की है. उन्हें 92 से 93% सब्सिडी तो सरकार पहले से ही दे रही है. कमलनाथ ने फिर कर्ज माफी की बात की. इनके धोखे की वजह से किसान ओवरड्यू हो गया. खाद - बीज नहीं ले पाया.

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कमलनाथ मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं. वे पुराने बिजली बिल माफ करने की बात कही है जबकि कोविड-19 के दौरान हम 5324 करोड़ रुपए के बिल माफ कर चुके हैं. कुसुम योजना के अंतर्गत हम कई जगह 12 से 14 घंटे बिजली दे रहे हैं. 55000 मुकदमे 2018 तक के वापस हो चुके हैं.

नरोत्तम मिश्रा

गृहमंत्री, मध्यप्रदेश

उधर प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कमलनाथ और कांग्रेस पर घोर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कई सवालों को दागा. पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश में फिर भाजपा की सरकार आ रही है जिससे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष  पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ भयाक्रांत है. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब आप मुख्यमंत्री थे तब आप की पार्टी और आपने किसानों का 2 लाख तक का कर्जा माफ करने का वचन दिया था. वह पूरा क्यों नहीं हुआ?