Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के एक आदेश ने पूरे पुलिस महकमे को सकते में डाल दिया है. एसपी कार्यालय से जुड़े 26 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अचानक जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं. नोटिस मिलने के बाद पुलिसकर्मियों में असंतोष है, लेकिन विभागीय दबाव के चलते कोई भी खुलकर सामने आने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है. नोटिस में एसपी मंडलोई ने सवाल किया है कि उनकी अनुपस्थिति में जारी आदेशों में “प्रभारी पुलिस अधीक्षक” की जगह “पुलिस अधीक्षक” क्यों लिखा गया? इसी मुद्दे को लेकर पुलिस महकमे में हलचल मची हुई है. इस पूरे मामले पर रिटायर्ड डीएसपी मुबारक खान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे एसपी की “बचकानी और तुगलकी मानसिकता” बताया. पूर्व डीएसपी का कहना है कि जब गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय द्वारा सीनियर आईपीएस अधिकारी को विधिवत प्रभार सौंपा गया था, तो उनके द्वारा पुलिस अधीक्षक के रूप में आदेश जारी करना पूरी तरह वैधानिक है. उन्होंने कहा कि अपने ही अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को इस तरह नोटिस देना पुलिस बल के मनोबल को कमजोर करता है और यह किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को शोभा नहीं देता.