मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने दुष्कर्म पीड़िताओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 24 सप्ताह तक की गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए अब पीड़िताओं को अलग से कोर्ट की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।