Bastar IG Sundarraj P Interview: नक्सलवाद के खात्मे के लिए देश ने 31 मार्च की जो समयसीमा तय की थी, वह तारीख अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होने के बेहद करीब है. इस ऐतिहासिक पड़ाव पर बस्तर एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां से पीछे मुड़कर देखना सिर्फ हिंसा की यादें दिलाता है और आगे का रास्ता शांति और विकास की ओर जाता है. बस्तर में आए इस अभूतपूर्व और युगांतकारी बदलाव के केंद्र में एक ऐसा चेहरा है, जिसकी यात्रा इस पूरे संघर्ष की जटिलता और उसे खत्म करने के फौलादी धैर्य दोनों को बखूबी दर्शाती है. यह चेहरा है बस्तर के आईजी सुंदरराज पी का, जिन्होंने बंदूक की गूंज वाले इस इलाके में शांति का कैनवास तैयार करने के लिए अपना पूरा करियर समर्पित कर दिया.