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हे 'विष्णु' जी! आदिवासियों के लिए 14 करोड़ के वाद्ययंत्र खरीदे आपके अफसरों ने, अब खा रहे हैं धूल
- Thursday September 19, 2024
- Reported by: Saleem Sheikh, Written by: अजय कुमार पटेल
Sukma News: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक अलग ही खेला देखने को मिल रहा है. यहां सरकारी फंड से 14 करोड़ रुपए के वाद्य यंत्र खरीदे गए, लेकिन आपको हैरानी होगी कि इनकी शिक्षा-दीक्षा देने के लिए कोई एक्सपर्ट या टीचर स्कूलों में है ही नहीं. आश्चर्य तब और होता है जब NDTV की पड़ताल में पता चला कि इन वाद्य यंत्रों को या तो आलमारी-बक्से में बंद कर दिया गया है या ये खुले में धूल खा रहे हैं. वहीं स्कूलों में बच्चों को पानी-शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं.
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भारतीय संगीत के भीष्म पितामह की पुण्यतिथि, बंदूक से निकाली राग, मैहर घराने की रखी नींव, जानिए इनके बारे में
- Friday September 6, 2024
- Written by: अजय कुमार पटेल
Ustad Allauddin Khan Death Anniversary: रामपुर के संगीतकारों का उन पर ऐसा प्रभाव पड़ा कि उन्होंने अपनी खुद की एक शैली विकसित कर ली, जिसे बीनकार घराने की ध्रुपद शैली के अलाप ने पूरा किया. आगे चलकर उस्ताद अलाउद्दीन खां ने भारतीय संगीत के सबसे बड़े घरानों में से एक मैहर घराने की नींव रखी. इस घराने का नाम मैहर राज्य की वजह से पड़ा, जहां उन्होंने अपना अधिकतर जीवन बिताया था.
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Sukma News: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक अलग ही खेला देखने को मिल रहा है. यहां सरकारी फंड से 14 करोड़ रुपए के वाद्य यंत्र खरीदे गए, लेकिन आपको हैरानी होगी कि इनकी शिक्षा-दीक्षा देने के लिए कोई एक्सपर्ट या टीचर स्कूलों में है ही नहीं. आश्चर्य तब और होता है जब NDTV की पड़ताल में पता चला कि इन वाद्य यंत्रों को या तो आलमारी-बक्से में बंद कर दिया गया है या ये खुले में धूल खा रहे हैं. वहीं स्कूलों में बच्चों को पानी-शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं.
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