Historic Verdict
-
{
- सब
- ख़बरें
-
Bhojshala: ऐतिहासिक फैसले के बाद भोजशाला में आज पहला मंगलवार, दीपक और पटाखों के साथ श्रद्धालु परिसर में मनाएंगे उत्सव
- Tuesday May 19, 2026
- Reported by: साबिर खान, Written by: शिव ओम गुप्ता
First Mangalwar Worship: भोजशाला परिसर अब पूरी तरह मां वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मान लिया गया है. हाई कोर्ट के फैसले के बाद पड़ रहे पहले मंगलवार को बड़ी संख्या में आज हिंदू समाज के लोग पूजा पाठ के लिए एकत्रित हो रहे हैं
-
mpcg.ndtv.in
-
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- पत्नी की उम्र 15 वर्ष से ज्यादा हो तो किसी तरह का यौन कृत्य रेप नहीं है
- Wednesday February 12, 2025
- Written by: शिव ओम गुप्ता
CG High Court Verdict: हाई कोर्ट की एकल पीठ ने आदेश में भारतीय दंड सहिंता की धारा 204, 376 और 377 के तहत दर्ज सभी अपराधों से बरी करते हुए कहा कि पति द्वारा अपनी पार्टनर या पत्नी के साथ उसकी सहमति के बिना बनाए गए किसी भी तरह के यौन कृत्य को दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता है.
-
mpcg.ndtv.in
-
फैमिली कोर्ट ने इसलिए खारिज किया महिला का पति से गुजारा भत्ता का दावा, जानें पूरा मामला?
- Thursday August 22, 2024
- Written by: शिव ओम गुप्ता
Indore Family Court Historic Verdict: बी. कॉम. की उपाधि प्राप्त महिला ने ट्रैवल एजेंट पति से अपने और दम्पति की तीन वर्षीय बेटी के भरण-पोषण के लिए 50,000 रुपए प्रति माह की रकम की मांग के साथ कोर्ट में दावा दायर किया था, लेकिन दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने महिला का दावा खारिज कर दिया.
-
mpcg.ndtv.in
-
Bhojshala: ऐतिहासिक फैसले के बाद भोजशाला में आज पहला मंगलवार, दीपक और पटाखों के साथ श्रद्धालु परिसर में मनाएंगे उत्सव
- Tuesday May 19, 2026
- Reported by: साबिर खान, Written by: शिव ओम गुप्ता
First Mangalwar Worship: भोजशाला परिसर अब पूरी तरह मां वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मान लिया गया है. हाई कोर्ट के फैसले के बाद पड़ रहे पहले मंगलवार को बड़ी संख्या में आज हिंदू समाज के लोग पूजा पाठ के लिए एकत्रित हो रहे हैं
-
mpcg.ndtv.in
-
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- पत्नी की उम्र 15 वर्ष से ज्यादा हो तो किसी तरह का यौन कृत्य रेप नहीं है
- Wednesday February 12, 2025
- Written by: शिव ओम गुप्ता
CG High Court Verdict: हाई कोर्ट की एकल पीठ ने आदेश में भारतीय दंड सहिंता की धारा 204, 376 और 377 के तहत दर्ज सभी अपराधों से बरी करते हुए कहा कि पति द्वारा अपनी पार्टनर या पत्नी के साथ उसकी सहमति के बिना बनाए गए किसी भी तरह के यौन कृत्य को दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता है.
-
mpcg.ndtv.in
-
फैमिली कोर्ट ने इसलिए खारिज किया महिला का पति से गुजारा भत्ता का दावा, जानें पूरा मामला?
- Thursday August 22, 2024
- Written by: शिव ओम गुप्ता
Indore Family Court Historic Verdict: बी. कॉम. की उपाधि प्राप्त महिला ने ट्रैवल एजेंट पति से अपने और दम्पति की तीन वर्षीय बेटी के भरण-पोषण के लिए 50,000 रुपए प्रति माह की रकम की मांग के साथ कोर्ट में दावा दायर किया था, लेकिन दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने महिला का दावा खारिज कर दिया.
-
mpcg.ndtv.in