बहन ने रक्षाबंधन पर तोहफे में भाई को दी नई जिंदगी, अपनी किडनी देकर बचाई जान

ओमप्रकाश और उनकी बहन इस वक्त गुजरात में हैं और सर्जरी की तैयारी कर रही हैं. शीलाबाई का कहना है कि वह ऐसा अपने भाई के लिए कर रही हैं क्योंकि वह उससे प्यार करती हैं और चाहती हैं कि वह लंबी और स्वस्थ जिंदगी जिए.

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रक्षाबंधन पर बहन ने तोहफे में भाई को दी नई जिंदगी

रायपुर : पूरे देश में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है. अलग-अलग शहरों से भाई-बहन के अटूट रिश्ते की भावुक कर देने वाली कहानियां सामने आ रही हैं. ऐसी ही एक कहानी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने भाई की जान बचाने के लिए उसे अपनी किडनी डोनेट करने का फैसला किया. दरअसल पिछले साल मई में 48 साल के ओमप्रकाश धनगढ़ किडनी की बीमारी से पीड़ित पाए गए थे. उनकी दोनों किडनियां इस हद तक खराब हो गई थीं कि उन्हें डायलिसिस का सहारा लेना पड़ा.

ओमप्रकाश की एक किडनी 80 और दूसरी 90 प्रतिशत तक खराब हो चुकी थी. काफी सोच-विचार और रिसर्च के बाद उनके परिवार ने गुजरात के नाडियाड के एक अस्पताल में उनका किडनी ट्रांसप्लांट कराने का फैसला किया. लेकिन अब ओमप्रकाश को जरूरत थी एक किडनी डोनर की.

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जब डॉक्टरों ने उनके परिवार से कहा कि ट्रांसप्लांट के लिए उन्हें एक डोनर की जरूरत है तो रायपुर के टिकरापारा में रहने वाली ओमप्रकाश की बड़ी बहन शीलाबाई पाल तुरंत तैयार हो गई.

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सर्जरी की तैयारी में भाई और बहन
उन्होंने सभी जरूरी टेस्ट करवाए और पाया गया कि वह इसके लिए एकदम फिट हैं. आखिरकार अगले महीने सितंबर की 3 तारीख को ओमप्रकाश का किडनी ट्रांसप्लांट होगा. ओमप्रकाश और उनकी बहन इस वक्त गुजरात में हैं और सर्जरी की तैयारी कर रही हैं. शीलाबाई का कहना है कि वह ऐसा अपने भाई के लिए कर रही हैं क्योंकि वह उससे प्यार करती हैं और चाहती हैं कि वह लंबी और स्वस्थ जिंदगी जिए.

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सुरक्षा के लिए बांधी राखी
आने वाले कुछ दिनों में होने वाले किडनी ट्रांसप्लांट से पहले शीलाबाई ने ओम प्रकाश की सुरक्षा और लंबी उम्र के लिए एक प्रतिज्ञा के रूप में उनकी कलाई पर राखी बांधी है. रक्षाबंधन त्योहार के बीच इस तरह की कहानियां भाई और बहन के रिश्ते की पवित्रता और मजबूती को दिखाती हैं.

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