दूषित पानी से हुई लोगों की मौत के मामले में गुरुवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की रेसीडेंसी कोठी पर नगर निगम जनप्रतिनिधि और अपर मुख्य सचिव संजीव अग्रवाल ने बैठक की है. बैठक में भागीरथपुरा में हुए घटनाक्रम को लेकर सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से 1-2-1 चर्चा बैठक के बाद रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को सौंपी जाएगी.
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर नगर और मुख्य सचिव के साथ बैठक की गई, जिसमें समस्याओं और उनके निदान को लेकर चर्चा की गई थी. उन्होंने कहा कि जिन दिक्कतों की वजह से काम रुके थे, अब वह दूर हो गई है. जहां-जहा टेंडर रुके हुए थे, जिसमें भागीरथपुरा भी शामिल है. वहां भी अब आदेश के साथ काम पूरा हो जाएगा.
कैलाश विजयवर्गीय ने आगे बताया कि बैठक में चर्चा के बाद यह फैसला हुआ कि शहरभर में पानी की समस्याओं का सबसे पहले निदान किया जाएगा. पानी की सप्लाई की 60 प्रतिशत लाइन बदल गई है और 40 प्रतिशत का टेंडर भी हो गया है. भागीरथपुरा में गुरुवार से पानी चालू हो जाएगा, लेकिन अनाउंसमेंट भी किया जा रहा है कि पानी पीने योग्य नहीं हैं. अलग-अलग जगह से पानी का सैंपल भी लिया जाएगा, ताकि पानी के बारे में पता चल सके.
भगीरथपुरा में लगातार मरीजों के बढ़ने का सिलसिला जारी है. दूषित पानी की वजह से इलाके में 1400 लोग संक्रमित हैं और 200 भर्ती हैं. बाकी को प्राथमिक इलाज दिया गया है. अभी तक 50 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं और गुरुवार को भी लगभग इतने ही लोगों को घर भेज दिया जाएगा. अस्पताल में भर्ती कोई भी मरीज खतरे में नहीं हैं. सभी को अच्छा इलाज मिले यह सुनिश्चित किया जा रहा है.
सभी सरकारी अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में एक-एक स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी रहेंगे. इसके अलावा एक हेल्प डेस्क भी बनाया जाएगा. कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि मौत के आंकड़ों को लेकर मैं भी कंफ्यूज हूं क्योंकि सरकारी आंकड़ा 4 है, लेकिन जब मैं वहां गया तब 8 मिले. इस पर भी जांच की जाएगी.
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस को कहां राजनीति करनी है, इसके बारे में सोचना चाहिए. अभी हमें साथ में काम करना चाहिए.