VIT यूनिवर्सिटी में छात्र पी रहे थे 'जहरीला पानी'! आखिर जांच में कौन सा बैक्टीरिया मिला?

VIT University Water Contamination: वीआईटी यूनिवर्सिटी में Water Sample Test में चार सैंपल में E-Coli Bacteria मिला है. छात्रों की शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर Protest हुआ और Campus 8 December तक बंद कर दिया गया. कई छात्रों में Jaundice मिलने की पुष्टि हुई है. Food Sample Report अभी Pending है.

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VIT University Sehore MP: मध्य प्रदेश में इंदौर-भोपाल हाईवे पर सीहोर जिले के ग्राम कोठरी स्थित वीआईटी यूनिवर्सिटी के पानी के नमूनों में बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि हुई है. बीते दिनों दूषित पानी और खाने को लेकर छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद एक छात्र के साथ हॉस्टल वार्डन और गार्डों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया था. 

इसके बाद यहां पर तोड़फोड़, आगजनी और काफी हंगामा हुआ. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने 8 दिसंबर तक परिसर में अवकाश घोषित कर दिया. अधिकांश छात्र वापस अपने घर जा चुके हैं. वीआईटी यूनिवर्सिटी में पीएचई विभाग ने पानी के सैंपल लिए थे, जबकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाने के सैंपल लिए थे. पीएचई विभाग की वाटर टेस्टिंग लैब रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि विश्वविद्यालय से लिए गए पानी के चार सैंपल फेल पाए गए हैं, जिनमें बैक्टीरिया मौजूद हैं. 

पीएचई टीम ने विश्वविद्यालय परिसर से अलग-अलग स्थानों से 18 पानी के नमूने लिए थे. जांच में चार सैंपल में बैक्टीरिया की मात्रा मिली है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है. पीएचई विभाग सीहोर के ईई प्रदीप सक्सेना ने बताया कि वीआईटी यूनिवर्सिटी परिसर में स्थित ट्यूबवेल, ग्राउंड लेवल टैंक और आरओ सिस्टम के सैंपल लिए गए थे. कुल 18 सैंपलों में से चार में E-Coli बैक्टीरिया पाया गया है. उन्होंने कहा कि पानी में इस प्रकार के बैक्टीरिया नहीं होने चाहिए, क्योंकि ये स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं. 

दूषित पानी से पीलिया की शिकायत

गौरतलब है कि यहां दूषित पानी के कारण पीलिया रोग फैलने की शिकायत कई महीनों से छात्र प्रबंधन से कर रहे थे, लेकिन वीआईटी यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा छात्रों की शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया. इसके कारण 30 से अधिक छात्र पीलिया से संक्रमित हो गए हैं. 

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हॉस्टल मेस से लिए गए 25 सैंपल

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने यूनिवर्सिटी में स्थित पांच हॉस्टल मेस से अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 25 से अधिक सैंपल लिए हैं. खाद्य निरीक्षक आष्टा, कीर्ति मालवीय ने बताया कि परिसर में स्थित मेस और फूड जोन से भी नमूने लिए गए. दाल, चावल, तेल, आटा, मैदा सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं. रिपोर्ट अभी आना बाकी है.

पिछड़ा वर्ग मंत्री कृष्णा गौर ने किया VIT का दौरा 

जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर वीआईटी यूनिवर्सिटी पहुंची और हॉस्टल में रह रहे छात्रों से मुलाकात कर मंगलवार रात की घटना के बारे में बात की. इस दौरान उन्होंने भोजन और पानी की गुणवत्ता को लेकर भी छात्रों से जानकारी ली. मंत्री गौर ने कहा क‍ि सरकार छात्रों के साथ है. उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.

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उन्होंने वीआईटी रजिस्ट्रार केके नायर और प्रबंधन टीम से मुलाकात कर स्पष्ट कहा कि छात्रों की छोटी-छोटी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उनका त्वरित निराकरण आवश्यक है. आगे उन्होंने हिदायत दी कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए.