Vidisha Protest Ban Orders: विदिशा में बिना अनुमति धरना, रैली और जुलूस निकालने पर अब सख्त कार्रवाई होगी. कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अंशुल गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर सार्वजनिक व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं. आदेश के मुताबिक, बिना अनुमति किसी भी प्रकार का विरोध, जुलूस, पुतला दहन या सामूहिक प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा. नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई होगी.
क्यों जारी हुए आदेश?
जिले में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठनों द्वारा बिना अनुमति धरना‑प्रदर्शन, रैली, जुलूस और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के मामले सामने आए थे. इससे यातायात बाधित होने, कानून‑व्यवस्था पर असर पड़ने और आपसी तनाव बढ़ने की आशंका जताई गई. इसी को देखते हुए सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के हित में प्रतिबंध लगाए गए हैं.
किस कानून के तहत प्रतिबंध?
अपर कलेक्टर एवं अपर जिला मजिस्ट्रेट अनिल कुमार डामोर ने पुलिस अधीक्षक के प्रस्ताव से सहमति देते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता‑2023 की धारा 163 के तहत ये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं. यह आदेश लोक शांति, मानव जीवन और आमजन की सुरक्षा की दृष्टि से लागू किया गया है.
क्या‑क्या नहीं कर सकेंगे? (बिना अनुमति)
किसी भी प्रकार की रैली, वाहन रैली, जुलूस, धरना‑प्रदर्शन, पुतला दहन, चक्का जाम या सामूहिक प्रदर्शन आयोजित नहीं होंगे. सार्वजनिक स्थानों पर 4 या अधिक लोगों का समूह बनाकर प्रदर्शन/एकत्रीकरण प्रतिबंधित रहेगा. ऐसा कोई भी कार्यक्रम नहीं होगा जिससे कानून‑व्यवस्था, शांति या यातायात प्रभावित होने की आशंका हो. बिना अनुमति पुतला दहन और सामूहिक विरोध पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा.
किन आयोजनों पर आदेश लागू नहीं होगा?
यह आदेश पारिवारिक कार्यक्रमों, विवाह समारोह, बारात और शवयात्रा पर लागू नहीं होगा. ऐसे आयोजनों को आदेश से छूट रहेगी.
आदेश की अवधि
प्रतिबंध 13 फरवरी 2026 से लागू होकर आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा. वर्तमान परिस्थितियों में सार्वजनिक सुनवाई संभव नहीं होने से यह आदेश धारा 163(2) के अंतर्गत एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है. आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता‑2023 की धारा 223 तथा अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत संबंधित व्यक्ति/संस्था/संगठन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने साफ किया है कि नियम तोड़ने पर सख्ती बरती जाएगी.