MP में प्रोजेक्ट टाइगर की तरह शुरू होगा प्रोजेक्ट एलिफेंट-केंद्रीय वन मंत्री, CM ने ₹71.89 करोड़ की दी सौगात

MP News: सीएम मोहन यादव ने कहा कि हमें गर्व है कि टाइगर स्टेट के साथ ही मध्यप्रदेश गिद्ध, तेंदुआ और अब चीता स्टेट भी बन गया है. वन्य प्राणियों और पर्यावरण के संरक्षण में वन विभाग के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की बड़ी भूमिका है, जिनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री प्रयासरत हैं.

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Project Cheetah Review Meeting: मध्य प्रदेश में श्योपुर के सेसई पूरा के जंगल रिसोर्ट में सोमवार को चीता पुनर्स्थापन की समीक्षा बैठक (Cheetah Restoration Review Meeting) आयोजित की गई थी जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister of Madhya Pradesh) डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) के साथ केंद्रीय वन, पर्यावरण मंत्री (Union Cabinet Minister for Environment, Forest & Climate Change) भूपेंद्र यादव (Bhupender Yadav) मौजूद थे. इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को इको टूरिज्म (Eco Tourism) का बनाने के लिए कार्ययोजना बनाई जायेगी. इससे रोजगारोन्मुख अर्थव्यवस्था संचालित करने में सहयोग मिलेगा. भविष्य में कूनो में ही लगभग 2 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. वहीं  केंद्रीय वन मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में एलीफेंट प्रोजेक्ट भी चलाया जाएगा और हाथियों से बचाव के लिए स्थानीय लोगों को शिक्षित किया जाएगा. स्थानीय लोगों को गजमित्र बनाया जाएगा. प्रोजेक्ट एलिफेंट के अंतर्गत केंद्रीय दल मध्य प्रदेश आएगा जो असम (Asam) और केरल (Kerala) के राज्यों के अनुभवों के साथ यहां के हाथियों के झुंड की व्यवहारों का अध्ययन करेगा और उसके संबंध में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगा. इससे हाथियों के संरक्षण पर काम किया जा सके.

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मध्यप्रदेश इको टूरिज्म का केंद्र बिंदु है: भूपेंद्र यादव

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश इको टूरिज्म का केंद्र बिंदु है. जंगलों, अभयारण्य, टाइगर रिजर्व क्षेत्र अन्य जगहों पर की तुलना में सबसे ज्यादा क्षेत्र मध्यप्रदेश में पाए जाते हैं. चीता पुनर्स्थापना वन्य क्षेत्र के जुड़ाव से एक सर्किट बनता है कूनो को इको टूरिज्म का हब बनाया जाएगा और केंद्रीय इको टूरिज्म केंद्र की स्थापना भी की जाएगी.

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मध्य प्रदेश देश में सबसे अनूठा है और कूनो का क्षेत्र अपने आप में सबसे अलग है चीता पुनर्स्थापना केंद्र शुरू किया गया है और दुनिया में यह सबसे बड़ी सफलता का क्षेत्र भी है क्योंकि यहां पर चीता को पुनर्स्थापित करने में हमने सफलता पाई है. वर्तमान में 21 चीता हैं और यह एक बड़ी संभावनाओं का क्षेत्र है देश में कुल 10 वन्य क्षेत्र को इस संबंध में चिन्हित किया गया था. इनमें से तीन केंद्र मध्य प्रदेश में हैं एक कूनो, दूसरा गांधी सागर और तीसरा नौरादेही इन तीनों जगह पर जल्दी ही अफ्रीका और नामीबिया की टीम जाकर सर्वे भी करेगी और आने वाले समय में इन जगहों पर चीता को बसाया जाएगा.

भूपेंद्र यादव

केंद्रीय वन मंत्री

5 सालों में कूनो को अंतर्राष्ट्रीय टूरिस्ट मार्केट में स्थापित कर देंगे : भूपेंद्र यादव

मध्य प्रदेश में कूनो क्षेत्र को आर्थिक विकास के मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए कार्य किया जाएगा चीता पुनर्स्थापना के साथ-साथ अन्य गतिविधियों को संचालित करने के लिए यहां पर व्यवस्था की जाएगी. यहां पर आने वाले समय में 40 हजार से अधिक पर्यटक आने की संभावना है. सभी पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय बच्चों को विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा जैसे खाना बनाने, वन गाइड, वर्ड सेंचुरी, फोटोग्राफी आदि का प्रशिक्षण दिया जायेगा.

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महिला स्व सहायता समूह के उत्पादों के लिए आउटलेट, पर्यटकों के लिए गाइड और स्थानीय उत्पादों को विक्रय के लिए अलग से केंद्र, सुविधा केंद्र के साथ-साथ अन्य चीजों के लिए भी स्थानीय बच्चों को तैयार किया जाएगा.आने वाले 5 सालों में कूनो को अंतर्राष्ट्रीय टूरिस्ट मार्केट में स्थापित कर देंगे. यहां की अर्थव्यवस्था लगभग 1000 करोड़ की होगी और यह पहला क्षेत्र होगा जो बिना उद्योगों के 1000 करोड़ की अर्थव्यवस्था वाला क्षेत्र बनेगा.

भूपेंद्र यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की कल्पना के अनुसार कूनो को विकसित किया जाएगा प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन पर बिग कैट एलायंस (Big Cat Alliance) बना है जिसमे 97 देश सहयोग कर रहे है और बिग कैट को बचाने के लिए आपस में सहयोग कर रहे हैं. देश में पांच बिग कैट उपलब्ध हैं और इन पांचो को बचाने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में काम कर रहे हैं. दो विग कैट हमारे देश में नहीं पाए जाते हैं. चीतो के पुनर्स्थापन से पूरे विश्व में हमने सफलता पाई है. जल्दी ही गांधी सागर में भी अफ्रीका और नामीबिया (Africa and Namibia) से चीता लाया जाएगा. चीता पुनर्स्थापना में हम सफल हैं और वर्तमान में आठ बच्चे मादा चीता के साथ स्वच्छंद घूम रहे हैं.

कूनो के चीता पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान अन्य अधिकारियों ने भी अपने अनुभवों साझा करते हुए कहा कि कूनो का 900 किलोमीटर का क्षेत्र यहां के चीता मित्रों के कारण फल-फूल रहा है. चीते के जंगलों से खेतों में आने पर भी कोई समस्या नहीं होती है. चीता मित्रों द्वारा तुरंत वन अधिकारियों को सूचित कर उनको संरक्षित और सुरक्षित किया गया है. यह सफलता हासिल करने वाला भारत पूरी दुनिया में अकेला देश है.

CM ने इन सौगातों की घोषणाएं

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि श्योपुर में नए विकास कार्यों की शुरूआत हो रही है. उन्होने 71.89 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण शिलान्यास किया. कूनो में नदी पर पुल निर्माण के लिए 37 करोड़ की राशि खर्च होगी, वहीं आज 7 करोड़ रुपए लागत की नलजल योजना का भूमिपूजन भी किया गया. स्थानीय निवासियों को आशियाना बनाने के लिए दो लाख के स्थान पर ढाई लाख रुपए की राशि दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में 19 करोड़ रुपए लागत से पानीवरदा से चिकित्सा महाविद्यालय तक सड़क का निर्माण किया जाएगा. एक पृथक अस्पताल भी प्रारंभ होगा. कूनो क्षेत्र में पेट्रोल पम्प की व्यवस्था भी होगी, ताकि स्थानीय निवासियों को दूर नहीं जाना पड़े. चीता मित्रों को सायकिल प्रदान की गई है, भविष्य में इन्हें आवश्यकतानुसार मोटर सायकिल भी दी जाएगी. रोजगार साधन निरंतर बढ़ाए जाएंगे. विभागों द्वारा सम्मिलित रूप से कार्य किया जाएगा और समन्वित विकास योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा. राजस्व ग्रामों के साथ वन ग्रामों में आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के कदम उठाए जाएंगे.

मध्य प्रदेश वन एवं पर्यावरण, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने बताया कि चीता मित्रों को सायकल दी गई है. भविष्य में मोटर आवश्यकतानुसार मोटर सायकल भी दी जायेगी. 

सीएम मोहन यादव ने कहा-मध्यप्रदेश टाइगर रिजर्व में नंबर वन है; गिद्ध, तेंदुआ के बाद अब चीता में भी नंबर 1 हो गया है, इसलिए इस चीता प्रोजेक्ट की सफलता के प्रति हमारी ज्यादा जवाबदारी है.

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