Union Budget 2026:रफ्तार से दौड़ेगा भारत! युवाओं को मिलेगा बंपर रोजगार पर टैक्स पर राहत नहीं, जानें 10 बड़ी बातें

Nirmala Sitharaman Budget Speech 2026: बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा खोलते हुए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 25,000 किमी हाईवे का ऐलान किया है. इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव तो नहीं हुआ, लेकिन नया आयकर कानून और विदेशी यात्रा पर TCS में कटौती कर मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है. जानें बजट की वो 10 बड़ी बातें जो सीधे आपके भविष्य और जेब पर असर डालेंगी.

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Union budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2026 का जो आम बजट पेश किया है, उसकी सबसे बड़ी धुरी 'युवा शक्ति' और 'आधुनिक तकनीक' को बनाया गया है. सरकार ने इस बजट के जरिए न केवल शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की है, बल्कि रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए बायो-फार्मा और एआई (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है. बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए भी विशेष रोडमैप तैयार किया गया है. दूसरी अहम बात ये है कि सरकार ने देश के परिवहन ढांचे को बदलने के लिए सबसे बड़े निवेश का ऐलान किया है. इस बजट में न केवल 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन की तर्ज पर) को मंजूरी दी गई है, बल्कि सड़कों और जलमार्गों के जरिए लॉजिस्टिक्स लागत को घटाने के लिए 'फैक्ट आधारित' रोडमैप पेश किया गया है. 

टैक्स सिस्टम में सुधार: करदाताओं के लिए आसान हुई प्रक्रिया

आम आदमी की नजर हमेशा टैक्स स्लैब पर रहती है. बजट 2026 में हालांकि टैक्स दरों में किसी बड़े बदलाव के बजाय 'टैक्स कंप्लायंस' और 'सिस्टम रिफॉर्म' पर जोर दिया गया है. सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने के लिए तकनीक का सहारा लिया है. मध्यम वर्ग को राहत देने के उद्देश्य से टैक्स असेसमेंट की समय सीमा को तार्किक बनाया गया है, जिससे ईमानदार करदाताओं को कानूनी उलझनों से मुक्ति मिलेगी. यह सुधार दर्शाते हैं कि सरकार अब 'दंडात्मक' के बजाय 'सहयोगात्मक' टैक्स प्रशासन की ओर बढ़ रही है, जिससे आम आदमी के लिए टैक्स भरना बोझ नहीं बल्कि एक सहज प्रक्रिया बन जाए.<

भविष्य की ओर कदम: AI और स्किलिंग

वित्त मंत्री ने साफ किया कि अब शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी. स्कूलों में कंटेंट लैब और आईइआईएम (IIM) द्वारा हाइब्रिड मोड में शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू करना इस बात का संकेत है कि सरकार युवाओं को 'जॉब सीकर' के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बनाना चाहती है. छोटे शहरों (Tier-2, Tier-3) में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फंड बढ़ाकर सरकार ने क्षेत्रीय असंतुलन को भी दूर करने की कोशिश की है.

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बायो-फार्मा और मेडिकल सेक्टर में आएगी क्रांति

भारत को दुनिया का मेडिकल हब बनाने के लिए सरकार ने 'बायो फार्मा शक्ति' योजना का ऐलान किया है. अगले पांच सालों में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके तहत तीन नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPERs) खुलेंगे, जबकि 7 पुराने संस्थानों को आधुनिक बनाया जाएगा. इतना ही नहीं, पशुपालन के क्षेत्र में भी 20 हजार नए वेटरनरी प्रोफेशनल तैयार करने के लिए विशेष कॉलेज खोले जाएंगे.

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AI और कंटेंट क्रिएशन: भविष्य की नौकरियों की तैयारी

सरकार ने माना है कि भविष्य 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' और 'डिजिटल कंटेंट' का है. इसी को ध्यान में रखते हुए देश के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में 'कन्टेंट क्रिएटर लैब' बनाने का फैसला लिया गया है. यह कदम भारत के एनिमेशन, गेमिंग और कॉमिक (AVGC) सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. साथ ही, युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए 'एआई एप्लीकेशन' पर आधारित विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे, जिससे देश की युवा शक्ति डिजिटल युग के लिए पूरी तरह तैयार हो सके.

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बेटियों के लिए हॉस्टल और जिला अस्पतालों का कायाकल्प

महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने देश के हर जिले में एक 'गर्ल्स हॉस्टल' बनाने की घोषणा की है. स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला अस्पतालों की क्षमता में 50% तक की बढ़ोतरी की जाएगी, जिसमें इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेंटरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा, आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIAs) भी स्थापित किए जाएंगे.

'कॉर्पोरेट मित्र' और छोटे शहरों पर फोकस

लघु उद्योगों (MSMEs) की मदद के लिए सरकार एक अनूठी योजना लेकर आई है. सीए (CA), सीएस (CS) और सीएमए (CMA) जैसे संस्थान अब शॉर्ट टर्म कोर्स तैयार करेंगे, जिससे देश में 'कॉर्पोरेट मित्र' तैयार होंगे. ये एक्सपर्ट्स विशेष रूप से छोटे शहरों के व्यापारियों और उद्योगों को प्रोफेशनल मदद देंगे. पर्यटन के जरिए रोजगार बढ़ाने के लिए देश की 20 हजार ऐतिहासिक साइट्स के लिए 10 हजार टूरिस्ट गाइड्स तैयार किए जाएंगे, जिन्हें आईआईएम (IIM) की मदद से अपस्किल किया जाएगा.
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