सिंहस्थ 2028: AI से होगी सुरक्षा, ड्रोन और साइबर वॉरियर्स भी संभालेंगे मोर्चा, DGP पहुंचे उज्‍जैन 

ujjain simhastha 2028: उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की सुरक्षा के लिए एमपी पुलिस ने मास्टर प्लान तैयार किया है. डीजीपी कैलाश मकवाना ने एआई, ड्रोन सर्विलांस और 'सिंहस्थ साइबर वारियर्स पोर्टल' के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने के निर्देश दिए हैं.

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Simhastha Ujjain 2028: मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना बुधवार को उज्जैन पहुंचे. उन्होंने पुलिस सामुदायिक भवन में सिंहस्थ 2028  “Training of Trainers” कार्यक्रम का शुभारंभ किया. पुलिस कार्यक्रम में कहा कि सिंहस्थ को सफल बनाने के लिए तकनीक,प्रशिक्षण और मजबूत रणनीति का समन्वय जरूरी है.

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में उज्जैन पुलिस ने 2016 के सिंहस्थ के अनुभवों का विश्लेषण करते हुए इस बार श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर तैयार  की रणनीति प्रस्तुत की. एसपी प्रदीप शर्मा ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक कंट्रोल, रेलवे स्टेशन पर दबाव, और आपातकालीन मार्गों को लेकर विस्तृत प्लान तैयार किया है.सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने पर खास जोर दिया गया है.

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एआई से सुरक्षा 

उज्‍जैन सिंहस्थ की सुरक्षा के चलते बनाए गए प्रजेंटेशन में बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फेस रिकग्निशन, ड्रोन सर्विलांस और सीसीटीवी नेटवर्क का व्यापक उपयोग किया जाएगा. साथ ही “सिंहस्थ साइबर वारियर्स पोर्टल” भी लॉन्च किया गया, जो अफवाहों पर नियंत्रण और रीयल-टाइम सूचना साझा करने में अहम भूमिका निभाएगा.

पिछली बार ट्रैफिक समस्या थी चुनौती 

प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए राज्य में ‘मास्टर ट्रेनर्स' तैयार किए जाएंगे. चयनित अधिकारी 48 विषयों पर 110 व्याख्यान और फील्ड ट्रेनिंग के माध्यम से प्रशिक्षित होंगे जो अपने-अपने जिलों में पुलिस बल को ट्रेनिंग देंगे. जिससे हर स्तर पर दक्ष पुलिस बल तैयार हो.अधिकारियों ने माना कि पिछली बार भीड़ और ट्रैफिक का अचानक दबाव बड़ी चुनौती रहा था. इस बार बेहतर समन्वय और वैज्ञानिक प्लानिंग से इन समस्याओं को नियंत्रित करने की कोशिश होगी.

डीजीपी मकावाना ने कहा कि सिंहस्थ की सफलता के लिए सतत प्रशिक्षण, तकनीक का अधिकतम उपयोग और जनसहयोग बेहद जरूरी है. उज्जैन पुलिस ने  भरोसा दिलाया कि आयोजन को सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारियां चरणबद्ध तरीके से की जा रही हैं. 

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