पुलिस के डर से लॉरेंस गैंग के शूटर ने किया सरेंडर: खरगोन में व्यापारी के घर चलवाया था गोली, खुद किया खुलासा

Ujjain Lawrence Gang Shooter Surrenders: कुख्यात लॉरेंस गैंग के शूटर राजपाल ने सरेंडर कर दिया. इस दौरान उसने कहा कि खरगोन का दिलीप किसानों के साथ अत्याचार करता था. इसी वजह से पहले उसके साथियों ने हमले की कोशिश की. असफल होने पर हेरी बॉक्सर से इस वारदात को अंजाम दिया था.

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Ujjain Lawrence Gang Shooter Surrenders: मध्य प्रदेश के उज्जैन में गुरुवार को एक चौंकाने वाली घटना हुई. यहां पुलिस द्वारा लगातार दबिश से परेशान कुख्यात लॉरेंस गैंग के शूटर ने सरेंडर कर दिया.  हालांकि इससे पहले उसने खरगोन में व्यापारी पर हुए गोलीकांड का भी खुलासा किया. शहर से करीब 60 किलोमीटर दूर नागदा स्थित रत्नाखेड़ी निवासी राजपाल पर लारेंस गैंग का सदस्य होने और  गैंग के साथियों को फरारी कटवाने के आरोप लगे थे. उसे खरगोन जिले के कसरावद थाना क्षेत्र के दिलीप राठौर नामक व्यापारी के घर फायरिंग की घटना के मामले में SIT और खरगोन पुलिस लंबे समय से तलाश कर रही थी. इसी के चलते गुरुवार को राजपाल ने पुलिस को अपने गांव बुलाया और सरेंडर कर दिया. हालांकि देशभर की सुरक्षा एजेंसियां और कई राज्यों की पुलिस उससे पहले ही पूछताछ कर चुकी हैं.

मीडिया के सामने किया खुलासा

सरेंडर से पहले राजपाल ने मीडिया से कहा कि खरगोन का दिलीप छोटी बच्चियों पर गलत नजर रखता था और किसानों के साथ अत्याचार करता था. इसी कारण उसे सबक सिखाने के लिए पहले उसके साथियों ने हमले की कोशिश की. असफल होने पर हेरी बॉक्सर से इस वारदात को अंजाम दिया था. मामले में पुलिस उसके परिवार को परेशान कर रही थी. इसलिए आत्मसमर्पण का फैसला लिया. राजपाल ने खुलेआम चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी गलत काम करेगा, उसे लॉरेंस गैंग नहीं छोड़ेगी. इस बयान के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है.

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एनआईए कर चुकी जांच 

राजपाल और योगेश भाटी का नाम पहले भी कई बड़े आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है. खासतौर पर Mohali में स्थित पुलिस के खुफिया विभाग के मुख्यालय पर हुए रॉकेट लॉन्चर हमले के मामले में आरोपी दीपक रंगा को पनाह देने के आरोप में भी राजपाल और योगेश भाटी का नाम सामने आया था. इस मामले में National Investigation Agency (NIA) ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी.

इनकाउंटर का था डर

बताया जाता हैं कि खरगोन की घटना में उज्जैन पुलिस लगातार राजपाल के घर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ कर रही थी. इससे राजपाल को उसके एनकाउंटर का डर सता रहा था. यही वजह है कि उसने पहले वीडियो बनाकर सरेंडर की बात कही फिर मीडिया के सामने खुलासा कर पुलिस बुला ली. अब राजपाल को लेने खरगोन पुलिस नागदा पहुंच रही हैं.

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