Twisha Sharma Case: उसी कोर्ट में होगा ट्रायल, जिसने गिरिबाला को दी थी अग्रिम जमानत, जानिए अब तक की कहानी

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में अब ट्रायल उसी कोर्ट में चलेगा, जिसने आरोपी सास गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी. बाद में हाईकोर्ट ने जमानत रद्द कर दी थी और सीबीआई जांच के बाद गिरफ्तारी हुई.

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बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में अब उसी कोर्ट में ट्रायल शुरू होगा, जिस कोर्ट ने आरोपी सास गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दी थी. जिला कोर्ट ने इस सत्र प्रकरण को दशम अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है. लेकिन इस फैसले से ट्विशा का परिवार संतुष्ट नहीं है. ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की कोर्ट में ट्रायल के लिए जाएगा. 

इसी कोर्ट ने 15 मई को गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत का लाभ दिया था. जमानत मिलने के बाद ट्विशा के परिजनों ने हाईकोर्ट में अपील की थी. 27 मई को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए भोपाल कोर्ट से मिली जमानत को खारिज कर दिया था. इसके बाद सीबीआई ने गिरिबाला को गिरफ्तार किया. पिछली सुनवाई में सीबीआई ने ट्विशा की मौत मामलें में चार्जशीट दाखिल की थी. हालांकि अब इस फैसले से ट्विशा का परिवार  संतुष्ट नहीं है.

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पिता नवनिधि शर्मा ने क्या कहा?

इस मामलें में ट्विशा का परिवार अब हाईकोर्ट जाने का मन बना रहा है पिता नवनिधि शर्मा का कहना है कि सीबीआई जांच हो या सेकंड पोस्टमार्टम रिपोर्ट इन दोनों जांच रिपोर्ट से वह न सिर्फ हैरान है बल्कि कई सवाल भी खड़े हो रहे है ऐसे में अब वह इसे हाईकोर्ट में चैलेंज करने की तैयारी में है.

जानें शुरू से अब तक की पूरी कहानी

  1. शादी के 5 महीने बाद मौत: पेशे से वकील समर्थ सिंह और ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर 2025 को हुई थी. शादी के महज 5 महीने बाद 12 मई 2026 की रात ट्विशा बागमुगालिया स्थित ससुराल में मृत पाई गई थी.
  2. घटना के दो दिन बाद 14 मई की रात करीब 1 बजे कटारा हिल्स थाना पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या (BNS की धारा 80(2), 85) का केस दर्ज किया.
  3. 15 मई को 18 घंटे में मिली जमानत: FIR दर्ज होने के बाद गिरिबाला सिंह ने जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई. 15 मई को अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की कोर्ट ने उम्र (63 वर्ष) और पूर्व न्यायिक अधिकारी होने का हवाला देते हुए 50 हजार के मुचलके पर अग्रिम जमानत दे दी. इस दौरान कोर्ट परिसर में ट्विशा के परिजनों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई थी, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल और सेना के जवान तैनात करने पड़े थे.
  4. पोस्टमार्टम में मिले चोट के निशान: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ था. मौत फांसी से बताई गई, लेकिन शरीर पर 6 अन्य चोटें मिली थीं 4 बाएं हाथ पर, 1 उंगली और 1 सिर पर. डॉक्टरों की क्वेरी रिपोर्ट में साफ कहा गया था कि ये चोटें शव को फंदे से उतारते समय नहीं, बल्कि मौत से पहले मारपीट के कारण आई हैं. इसके अलावा 2 महीने के अंदर गर्भपात कराने का भी आरोप लगा था.
  5. हाईकोर्ट ने रद्द की जमानत: ट्विशा के परिजनों ने भोपाल कोर्ट के जमानत आदेश को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी. 27 मई को जस्टिस देवनारायण मिश्रा की एकल पीठ ने 17 पन्नों के आदेश में कहा कि निचली अदालत ने व्हाट्सएप चैट, गवाहों के बयान और चोटों के सबूत को नजरअंदाज किया है. इसी आधार पर 15 मई को दिया गया अग्रिम जमानत आदेश रद्द कर दिया.
  6. CBI जांच और गिरफ्तारी: केस की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी गई. 28 मई को CBI ने गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया और 2 जून को पूछताछ के बाद दोनों मां-बेटे को जेल भेज दिया गया. दोनों पिछले 48 दिनों से जेल में बंद हैं.