भोपाल: फर्जी लोन एप के टॉर्चर से परेशान होकर पूरे परिवार ने दी जान

जानकारी के मुताबिक दंपत्ति ने सुसाइड करने से पहले सुसाइड नोट लिखकर अपनी भतीजी को भी मोबाइल के जरिए भेजा था. पुलिस ने मौके से 4 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें दंपत्ति द्वारा लोन एप के माध्यम से लोगों को अपने झांसे में लेने वाली कंपनी पर युवक द्वारा कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

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दंपत्ति ने सुसाइड करने से पहले सुसाइड नोट लिखकर अपनी भतीजी को भी मोबाइल के जरिए भेजा था.

मध्य प्रदेश:  भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के नीलबड़ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक दंपत्ति ने लोन एप के झांसे में आकर दो मासूम बच्चों के साथ पति-पत्नी ने मौत को गले लगा लिया. ऑनलाइन लोन कंपनी द्वारा युवक का फोन हैक कर दो महीने से धमकी दी जा रही थी, जिसके चलते दंपत्ति द्वारा यह कदम उठाया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

जानकारी के मुताबिक दंपत्ति ने सुसाइड करने से पहले सुसाइड नोट लिखकर अपनी भतीजी को भी मोबाइल के जरिए भेजा था. पुलिस ने मौके से 4 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें दंपत्ति द्वारा लोन एप के माध्यम से लोगों को अपने झांसे में लेने वाली कंपनी पर युवक द्वारा कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मृतक युवक ने अपने सुसाइड नोट में पुलिस से गुहार लगाई है कि ऐसी कंपनियों के खिलाफ पुलिस सख्त एक्शन ले, जिससे दोबारा कोई परिवार इस तरह से बर्बाद ना हो.

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DCP जोन- 1 साइ कृष्णा थोटा ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि परिवार कर्ज में था. ऑनलाइन वर्क के लिए ऑनलाइन ऐप्स डाउनलोड किए. जब आप ऐप डाउनलोड करते हैं, तो परमिशन में आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो शेयर हो जाती हैं. इन्हीं फोटो और कॉन्टैक्ट लिस्ट को यूज करते हुए इनको ब्लैकमेल किया गया. इस कारण ऐसा कदम उठाया. मृतक परिवार के बैंक अकाउंट्स, फोन नंबर्स, मोबाइल-लैपटॉप की जांच कराई जाएगी. परिवार के जिन लोगों के पास एक्सटॉर्शन के कॉल गए थे, उनसे बात कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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वहीं, इस मामले में डीसीपी क्राइम श्रुति सोमवंशी ने बताया कि साइबर पुलिस फर्जी एप्स को लोकर समय-समय पर एडवाइजरी जारी करती है. कई चाइनीस ऐप हैं जो प्ले स्टोर से डायरेक्ट डाउनलोड कर सकते हैं, जो की आपके मोबाइल द्वारा एक्सेस देने के बाद वह आप के मोबाइल का डाटा हैक कर लेती है. आपके मोबाइल द्वारा सभी परमिशन का एक्सेस दिए जाने के बाद आपका फोन हैक करते हैं और आपके साथ ब्लैक मेलिंग की जाती है. डीसीपी क्राइम ने जनता से अपील की है कि इस तरह की फर्जी ऐप से बचे और जो ऐप भारत सरकार द्वारा रजिस्टर्ड है. उन्हीं एप्स का उपयोग करें.

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