खाद की कालाबाजारी! 26 लाख की अवैध उर्वरक जब्त; कलेक्टर के निर्देश पर लिया एक्शन

टीकमगढ़ जिले में खाद की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई हुई. कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग और पुलिस की टीम ने सरकनपुर गांव में “राजपूत इंटरप्राइजेज” से 26 लाख का अवैध उर्वरक जब्त किया. जांच में 245 मीट्रिक टन DAP और यूरिया पाया गया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Tikamgarh Fertilizer Black Marketing: टीकमगढ़ जिले में जिला प्रशासन ने खाद की कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने सरकनपुर गांव में छापा मारकर करीब 26 लाख रुपए का अवैध उर्वरक जब्त किया. यह खाद “राजपूत इंटरप्राइजेज” नाम की फर्म में बिना लाइसेंस के रखा गया था. इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है.

245 मीट्रिक टन खाद बरामद

छापामार कार्रवाई के दौरान टीम को फर्म में 245 मीट्रिक टन से ज्यादा खाद का स्टॉक मिला. यह उर्वरक DAP, यूरिया और अन्य प्रकार के खादों से भरा हुआ था. अधिकारियों ने बताया कि इतने बड़े स्टॉक के लिए फर्म के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं था. फिलहाल यह जांच की जा रही है कि जब्त किया गया खाद असली है या नकली. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी.

Advertisement

कलेक्टर के निर्देश पर की गई सख्त कार्रवाई

इस पूरी कार्रवाई की जानकारी खुद टीकमगढ़ कलेक्टर ने दी. उन्होंने कहा कि जिले में किसानों को महंगे दामों पर खाद बेचकर ठगने वालों के खिलाफ अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. जिला प्रशासन का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि कोई व्यापारी किसानों के साथ धोखाधड़ी न कर सके.

राजपूत इंटरप्राइजेज के संचालकों पर मामला दर्ज

सरकनपुर में स्थित “राजपूत इंटरप्राइजेज” के संचालक अरविंद लोधी और चंद्रभान लोधी के खिलाफ खरगापुर थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने इन पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और खाद्य सुरक्षा अधिनियम 1995 की धाराओं के तहत कार्रवाई की है. यह धाराएं खाद के अवैध भंडारण और बिक्री पर सख्त दंड का प्रावधान करती हैं.

ये भी पढ़ें- धार के बियाबानी दरगाह की दान पेटी में चोरी; ताला तोड़कर नगदी उड़ा ले गए चोर 

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रूप से खाद बेचने वालों में खलबली मच गई है. अधिकारी मानते हैं कि ऐसे कदमों से किसानों को राहत मिलेगी और उन्हें अब महंगे दामों पर खाद नहीं खरीदना पड़ेगा. जिले में इस खबर के बाद से ही खाद कारोबारियों में डर का माहौल है, जबकि किसान प्रशासन के कदम की सराहना कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें-  छिंदवाड़ा में 'मौत का सौदा' : ₹24 की कप सिरप पर सिर्फ ढाई रु. कमीशन ने ले ली 23 बच्चों की जान

Advertisement