'टाइगर स्टेट' में करंट लगाकर बाघ को मारा, 4 अवैध शिकारी पकड़े गए

मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा तो मिला है लेकिन अब भी यहां बाघों का शिकार जारी है. ताजा मामला सिवनी का है. यहां के बरघाट के बहरई में बाघ के चार शिकारी पकड़े गए हैं.

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मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा मिला तो राज्य की सरकार से लेकर आम लोगों तक का सीना गर्व से चौड़ा हो गया लेकिन सिवनी स्थित पेंच नेशनल पार्क से मंगलवार को जो खबर सामने आई उसने सभी के माथे पर चिंता की लकीरें पैदा कर दी. दरअसल यहां स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके कब्जे से बाघ के नाखून, हड्डियां और मूंछ के बाल बरामद किए हैं. ये साफ बताता है कि धन की लालच में या जादू-टोना के लिए अब भी शिकारी बाघों का शिकार करने से नहीं चूक रहे हैं. बाघ की खाल, दांत-नाखून और हड्डियों का कारोबार बदस्तूर जारी है. 

सिवनी में बाघ के नाखून और हड्डियां बरामद हुई. ये टाइगर स्टेट का तमगा हासिल कर चुके मध्यप्रदेश के लिए चिंता की बात है

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पुलिस को शक- इंटर स्टेट गिरोह है सक्रिय

प्राप्त जानकारी के मुताबिक  स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश भोपाल एवं टाइगर स्ट्राइक फोर्स जबलपुर ने ज्वाइंट एक्शन में चार लोगों को वनमंडल दक्षिण सामान्य बालाघाट से गिरफ्तार किया. उनके कब्जे से बाघ के बाल , हड्डियां और नाखून बरामद हुए हैं. वे इसका अवैध कारोबार कर रहे थे. उनकी ही निशानदेही पर बाघ के कंकाल की भी बरामदगी की गई. पूछताछ करने पर पकडे गये आरोपियों द्वारा अपना अपराध स्वीकार किया. उन्होंने बताया कि बाघ को बिजली का झटका देकर मारा था. उन्होंने बाघ का शिकार बरघाट परियोजना मंडल सिवनी के बहरई इलाके में किया था. पुलिस को शक है कि ये अंतरराज्जीय गिरोह का काम है.  स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ से बड़े खुलासे हो सकते हैं.  इनके तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है. 

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