मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मशहूर तीर्थ स्थल अमरकंटक के पास खजुरवार जंगल इलाके में एक भीषण सड़क हादसा हुआ. इस हादसे में तीन नाबालिग बहनों की मौत हो गई. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी.
अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा शुक्रवार को दोपहर करीब 1.30 बजे अमरकंटक के पवित्र शहर से लगभग 35 किमी दूर एक कच्ची सड़क पर हुआ. पीड़ितों की पहचान खजुरवार गांव के रहने वाले दिनेश कुमार महोबे की बेटियों काव्या महोबे (6), अनामिका महोबे (3) और अंशिका महोबे (3) के रूप में हुई है.
लड़कियां अपनी मां रुक्मणी बाई महोबे के साथ सीमेंट की बोरियों और लोहे की छड़ों से लदे एक ट्रैक्टर के इंजन पर यात्रा कर रही थीं. ट्रैक्टर दिनेश कुमार का बड़ा भाई चला रहा था.
जानवर को बचाने में खोया कंट्रोल
पुलिस के अनुसार, ड्राइवर ने अचानक रास्ते में आए एक जानवर से बचने की कोशिश में गाड़ी से कंट्रोल खो दिया. इसके बाद ट्रैक्टर पलट गया और कई यात्रियों को गंभीर चोटें आईं. तीनों बच्चियों ने दमेहड़ी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जहां मेडिकल स्टाफ ने उन्हें पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया. इस हादसे में बच्चियों की मां रुक्मणी बाई घायल हो गईं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
परिजनों को सौंपे शव
स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर को सीधा करने में मदद की. हादसे की सूचना पाकर अमरकंटक पुलिस मौके पर पहुंची. जांच अधिकारी लाल बहादुर तिवारी और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर पीआर धनंजय ने रेस्पॉन्स टीम का नेतृत्व किया. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया.
उबड़-खाबड़ जमीन
विंध्य पर्वत श्रृंखला में स्थित और नर्मदा नदी का उद्गम स्थल माने जाने वाले अमरकंटक में रोज़ाना बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और स्थानीय लोग आते हैं. आसपास के जंगल वाले इलाकों की कच्ची सड़कें अक्सर निर्माण सामग्री और सामान को ट्रैक्टरों से ले जाने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं, लेकिन ऊबड़-खाबड़ ज़मीन, जंगली जानवरों के रास्ते और गाड़ियों पर ज्यादा सामान लादने की वजह से ये सड़कें जान के लिए बड़ा खतरा बनती हैं.