भगवान बुद्ध के दो शिष्य की पवित्र अस्थियों को थाईलैंड में दर्शन के लिए रखा जाएगा, सांची से भेजी गईं दिल्ली...

भोपाल से पवित्र अवशेषों को हवाई जहाज के माध्यम से दिल्ली ले जाया गया इसके बाद वहां से बैंकाक, थाईलैंड और कंबोडिया विहार दर्शन के लिए ले जाया जाएगा. यह पवित्र अवशेष वहां 22 फरवरी से 18 मार्च तक दर्शनार्थ हेतु रहेंगे और इसके बाद इनको वापस यथास्थान सांची में सुरक्षित रखे जाएंगे.

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पवित्र अवशेषों को सर्वप्रथम चैतियगिरी विहार में स्थित तहखाने से विधिवत पूजा-अर्चना कर मंदिर में लाया गया.

Madhya Pradesh News: भारत सरकार द्वारा रायसेन के सांची में बौद्ध स्तूप परिसर में स्थित मंदिर में रखे भगवान बुद्ध के शिष्यों अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को दर्शन के लिए बैंकाक, थाईलैंड और कंबोडिया विहार ले जाने की अनुमति दे दी गई है. जिसके बाद बुधवार भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार रायसेन कलेक्टर अरविंद दुबे ने सांची के बौद्ध स्तूप परिसर स्थित चैतियगिरी विहार मंदिर में रखे भगवान बुद्ध के शिष्यों अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि डीजे प्रदीप को सुरक्षित तरीके से सौंपा. इस दौरान महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख वनगल उपतिस्स नायक थेरो भी उपस्थित रहे.

भोपाल से पवित्र अवशेषों को दिल्ली ले जाया गया

भोपाल से पवित्र अवशेषों को हवाई जहाज के माध्यम से दिल्ली ले जाया गया इसके बाद वहां से बैंकाक, थाईलैंड और कंबोडिया विहार दर्शन के लिए ले जाया जाएगा. यह पवित्र अवशेष वहां 22 फरवरी से 18 मार्च तक दर्शनार्थ हेतु रहेंगे और इसके बाद इनको वापस यथास्थान सांची में सुरक्षित रखे जाएंगे.

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शासन के निर्देशानुसार महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के अध्यक्ष  वानगल उपतित्स्स की उपस्थिति में कलेक्टर अरविंद दुबे द्वारा द्वारा शिष्य अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि डीजे प्रदीप को सुरक्षित तरीके से पूर्ण प्रक्रिया का अभिलेखीकरण, वीडियोग्राफी तथा पंचनामा तैयार कर सौंपा गया है. इस अवसर पर आईबीसी के डायरेक्टर विजयेंद्र थापा, पुलिस अधीक्षक विकास शहवाल भी साथ रहे.

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पवित्र अवशेषों को सर्वप्रथम चैतियगिरी विहार में स्थित तहखाने से विधिवत पूजा-अर्चना कर मंदिर में लाया गया.

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पवित्र अवशेषों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया

पवित्र अवशेषों को सर्वप्रथम चैतियगिरी विहार में स्थित तहखाने से विधिवत पूजा-अर्चना कर मंदिर में लाया गया. इसके बाद यहां भी पवित्र अवशेषों की पूजा-अर्चना करने के उपरांत कलेक्टर दुबे द्वारा महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख  वानगल उपतिस्स नायक थेरो की उपस्थिति में राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि डीजे प्रदीप को सौंपा गया. पवित्र अवशेषों को मंदिर के बाहर लाते समय गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया. इसके पश्चात पवित्र अस्थियों को लेकर महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख वानगल उपतिस्स नायक थेरो, राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि डीजे प्रदीप तथा आईबीसी के डायरेक्टर  विजयेन्द्र थापा वाहन से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ भोपाल के लिए रवाना हुए.

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