Success Story Shivani Uikey MPPSC: कभी-कभी हालात इतने कठोर होते हैं कि सपनों का जिंदा रहना ही सबसे बड़ी जीत बन जाता है. जब गरीबी, समाज का दबाव और शादी जैसे फैसले किसी लड़की के भविष्य पर सवाल खड़े कर दें, तब बहुत कम लोग होते हैं जो हार मानने से इनकार करते हैं. मध्य प्रदेश के हरदा जिले के छोटे से गांव सिराली की शिवानी उइके उन्हीं चंद नामों में से एक हैं, जिन्होंने साबित किया कि हालात चाहे जैसे हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मंज़िल खुद रास्ता बना लेती है.
शिवानी उइके सक्सेस स्टोरी
मध्य प्रदेश के हरदा जिले के सिराली गांव में पली-बढ़ी शिवानी उइके की शुरुआत भी बिल्कुल आम लड़कियों जैसी ही थी. गांव का सरकारी स्कूल, सीमित संसाधन और बड़े सपनों को लेकर अनिश्चित भविष्य. शिवानी ने 12वीं तक की पढ़ाई अपने गांव के ही स्कूल से पूरी की, लेकिन उनके सपने गांव की सीमाओं से कहीं आगे थे.
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Success Story Shivani Uikey MPPSC Sirali Village Harda Madhya Pradesh
आगे की पढ़ाई के लिए वह भोपाल पहुंचीं. यहीं से उनके जीवन में संघर्ष का असली दौर शुरू हुआ. पढ़ाई के साथ-साथ वह सरकारी नौकरी का सपना संजोए लगातार मेहनत करने लगीं. लेकिन तभी कोविड-19 ने सब कुछ बदल दिया. परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई. समाज का दबाव बढ़ा और शादी की बातें होने लगीं.
शिवानी ने झुकने से इनकार किया
जहां ऐसे हालात में कई लड़कियां अपने सपनों से समझौता कर लेती हैं, वहीं शिवानी ने झुकने से इनकार कर दिया. परिवार की मदद करने और अपने खर्च निकालने के लिए उन्होंने बच्चों को पढ़ाना शुरू किया. दिन में ट्यूशन और रात में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की तैयारी. यही उनका जीवन बन गया.
शिवानी ने बैंक और अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की, लेकिन सफलता तुरंत नहीं मिली. एक के बाद एक मिली असफलताओं को ही उसने अपनी असली ताकत बना लिया. असफलताओं ने कई बार तोड़ दिया. बावजूद इसके उन्होंने हार मानना नहीं सीखा था. हर असफल प्रयास के बाद वह और मजबूती से खड़ी हुईं.
संघर्ष के इसी दौर में परिवार ने आखिरी शर्त रख दी. या तो घर पर रहकर पढ़ाई करो और पास होकर दिखाओ या फिर शादी के लिए तैयार हो जाओ. यह शिवानी के जीवन का सबसे कठिन मोड़ था. लेकिन उन्होंने हालात को चुनौती बनाते हुए 2022 में केवल सेल्फ स्टडी के दम पर प्रीलिम्स परीक्षा पास कर ली.
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Shivani Uikey MPPSC: शिवानी उइके ने इंदौर से की तैयारी
मीडिया से बातचीत में शिवानी उइके ने बताया कि MPPSC प्री पास करने इसके बाद मेंस की तैयारी के लिए वह इंदौर गईं. मेंस परीक्षा के दौरान उनकी हालत बेहद खराब थी. 102 डिग्री बुखार, कमजोरी और लगातार दर्द के बावजूद शिवानी परीक्षा केंद्र जाती रहीं. छह पेपर उन्होंने तेज बुखार में दिए. हर सवाल के साथ वह सिर्फ परीक्षा नहीं, बल्कि अपने सपनों की रक्षा कर रही थीं.
आखिरकार 2024 में मेहनत रंग लाई. शिवानी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 11वीं रैंक हासिल की. गांव की साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर सरकारी सेवा तक पहुंचने वाली शिवानी आज लाखों बेटियों के लिए उम्मीद और हिम्मत की मिसाल बन चुकी हैं.
शिवानी के पिता हैं एएसआई
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) परीक्षा 2024 में शानदार सफलता हासिल करने वालीं शिवानी के पिता देवकरण उइके हरदा जिले के थाना हंडिया में एएसआई पद पर सेवाएं दे रहे हैं. पिता एएसआई और अब बेटी डिप्टी कलेक्टर. शिवानी ने शुरुआती पढ़ाई सिराली गांव से की. भोपाल स्थित सरोजिनी नायडू कॉलेज से बीएससी पूरी की और इंदौर में MPPSC की तैयारी शुरू की.
बेटी की कामयाबी पर पिता को गर्व
शिवानी की इस सफलता के पीछे उनके पिता एएसआई देवकरण उइके और पूरे परिवार का अथक सहयोग रहा. पुलिस विभाग में कार्यरत होने के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया और हमेशा हौसला बढ़ाया. देवकरण उइके का कहना है कि बेटी ने उनका सपना पूरा कर जिले और गांव का नाम रोशन किया है.
रोल मॉडल बन गई शिवानी
शिवानी उइके की कामयाबी से हरदा और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है. लोग उनके घर पहुंचकर शुभकामनाएं दे रहे हैं और उन्हें नई पीढ़ी के लिए रोल मॉडल बता रहे हैं. शिवानी ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देते हुए कहा कि “अगर मेहनत और धैर्य से लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाया जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती.
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