मजदूर की बेटी कीर्ति कलम BSF में अफसर बनी, स्‍वागत करने रेलवे स्‍टेशन पर पहुंचा पूरा गांव

Success Story Kirti Kalam BSF: मध्‍य प्रदेश के Harda जिले के बारजा गांव की मजदूर की बेटी कीर्ति कलम सीमा सुरक्षा बल में अफसर बन गई हैं. बीएसएफ में ट्रेनिंग पूरी कर खाकी वर्दी में घर लौटने पर टिमरनी रेलवे स्टेशन पर पूरे गांव ने उनका भव्य स्वागत किया. कीर्ति कलम की सक्‍सेस स्‍टोरी ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है.

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Success Story Kirti Kalam BSF Labourer Daughter Barja Village Timarni Harda MP

Success Story Kirti Kalam BSF: साल 2018 और अब 2026 में मजदूर की बेटी कीर्ति कलम ने अपनी कामयाबी से पर‍िवार व समाज को गौरवान्‍व‍ित क‍िया है. पहले 12वीं मेर‍िट की टॉपर बनीं और अब सीमा सुरक्षा बल में अफसर. बीएसएफ की ट्रेन‍िंंग पूरी करने के बाद पहली बार आई तो पूरे गांव ने जश्‍न मनाया. 

सिर पर बीएसएफ की कैप, माथे पर अशोक स्तंभ, पैरों में फौजी बूट और चेहरे पर आत्मविश्वास भरी मुस्कान. यह नजारा था मध्य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी रेलवे स्टेशन का, जहां मजदूर की बेटी कीर्ति कलम को अफसर की वर्दी में देखकर पूरा गांव गर्व से भर उठा. गांव वालों ने पलक-पांवड़े बिछाकर बेटी का ऐसा स्वागत किया, जो हर किसी की आंखें नम कर गया.

BSF में ट्रेनिंग पूरी करके घर आई 

कीर्ति कलम एमपी के हरदा जिले की टिमरनी तहसील के बारजा गांव की रहने वाली हैं. जब ग्रामीणों को पता चला कि BSF की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कीर्ति पहली बार खाकी वर्दी में घर लौट रही हैं, तो गांव से बड़ी संख्या में लोग करीब 5 किलोमीटर दूर टिमरनी रेलवे स्टेशन पहुंच गए. स्टेशन पर फूल-मालाओं और जयकारों के साथ बेटी का ऐतिहासिक स्वागत किया गया.  

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NDTV से खास बातचीत

NDTV से बातचीत में कीर्ति कलम ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर मिला प्यार और सम्मान देखकर उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल आए. उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि अगर हौसले मजबूत हों, तो गरीबी भी सपनों के आड़े नहीं आती. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें मेघालय में ड्यूटी मिली है, जिसके लिए वह बुधवार को रवाना हो गईं.  

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पिता की आंखों में गर्व के आंसू

कीर्ति के स्वागत का सिलसिला स्टेशन से लेकर गांव तक जारी रहा. जगह-जगह फूल बरसाए गए और लोग बेटी की सफलता को अपनी जीत बताते नजर आए. इस मौके पर पिता भंवरसिंह कलम की आंखें भी भर आईं. उन्होंने कहा कि बेटी की सफलता का जश्न पूरे गांव ने मनाया, यह उनके जीवन का सबसे बड़ा गर्व है.  

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मध्‍य प्रदेश पुल‍िस व बीएसएफ में एक साथ चयन

भंवरसिंह कलम ने बताया कि वे भाजपा के वरिष्ठ नेता उपेंद्र गद्रे के फार्म हाउस पर मजदूरी करते हैं. खुद पढ़ाई नहीं कर सके, लेकिन बेटी की शिक्षा के रास्ते में कभी रुकावट नहीं बनने दी. कीर्ति का चयन एक साथ मध्य प्रदेश पुलिस और सीमा सुरक्षा बल में हुआ था, लेकिन उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा के उद्देश्य से BSF को चुना. 

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ग्रामीण बेटियों के लिए बनी मिसाल

मध्‍य प्रदेश के छोटे से गांव बारजा से निकलकर देश की सीमा तक पहुंची कीर्ति कलम आज पूरे हरदा जिले की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं. उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से किसी भी हालात में ऊंची उड़ान भरी जा सकती है. 

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रेलवे स्टेशन पर हुआ भव्य सम्मान

BSF ट्रेनिंग पूरी कर गांव लौटने पर कीर्ति कलम का रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत किया गया. समारोह में भाजपा मंडल अध्यक्ष अतुल बारंगे, उपेंद्र गद्रे, गौरव गद्रे सहित बड़ी संख्या में नगरवासी, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और स्वजन मौजूद रहे. पूर्व विधायक संजय शाह ने भी बारजा पहुंचकर कीर्ति का स्वागत और सम्मान किया. सभी ने देश सेवा के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं. 

साल 2018 में 12वीं मेर‍िट में आठवां स्‍थान 

कीर्ति कलम पढाई में काफी होश‍ियार रही हैं. साल 2018 में 12वीं बोर्ड परीक्षा में  कीर्ति कलम ने मेरिट सूची में आठवां स्थान हासिल किया है. माता-पिता के अलावा कीर्ति खुद भी कई बार मजदूर करने खेतों में जाती थी. शासकीय कन्या स्कूल टिमरनी की छात्रा कीर्ति कलम ने 500 में से 459 अंक प्राप्त किए थे.


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