SIR के बाद ड्राफ्ट रोल में बड़ा गड़बड़झाला! एक ही परिवार के नाम अलग-अलग जगह

जैसे ही SIR के पहले चरण के बाद ड्राफ्ट रोल सामने आया, तो यह बात साफ होने लगी है कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण में कई त्रुटियां रह गई हैं. जिले में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां एक ही मकान में रहने वाले परिवार के सदस्य मतदाता सूची में अलग-अलग सरल क्रमांक के साथ दर्ज पाए गए. यानी एक ही परिवार, एक ही पता, लेकिन सूची में बंटे हुए नाम. इससे मतदाताओं को मतदान के समय परेशानी होने की आशंका जताई जा रही है.

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आगर-मालवा जिले में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य पिछले कई महीनों से चरणबद्ध तरीके से चल रहा है. पहले चरण के बाद जारी हुए ड्राफ्ट रोल में अब मतदाताओं से दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.  इसी बीच ड्राफ्ट रोल में दर्ज मतदाताओं के नाम और उनके क्रमांक को लेकर कई तरह की पेचीदगियां सामने आने लगी हैं.

मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय में अब आवेदनों की संख्या बढ़ने लगी है. इन्हीं खामियों से प्रभावित होकर भाजपा के जिला कार्यालय मंत्री अशोक प्रजापत ने मतदाता सूची में सुधार की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय का दरवाजा खटखटाया गया है.

क घर, पर सदस्य अलग-अलग सूची में

जैसे ही SIR के पहले चरण के बाद ड्राफ्ट रोल सामने आया, तो यह बात साफ होने लगी है कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण में कई त्रुटियां रह गई हैं. जिले में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां एक ही मकान में रहने वाले परिवार के सदस्य मतदाता सूची में अलग-अलग सरल क्रमांक के साथ दर्ज पाए गए. यानी एक ही परिवार, एक ही पता, लेकिन सूची में बंटे हुए नाम. इससे मतदाताओं को मतदान के समय परेशानी होने की आशंका जताई जा रही है.

BJP नेता अशोक प्रजापत ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन

इस गड़बड़ी को लेकर भाजपा के जिला कार्यालय मंत्री अशोक प्रजापत ने बुधवार को कलेक्टर के नाम आवेदन दिया. उन्होंने जिले की दोनों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में इन कमियों को दूर करने की मांग रखी. प्रजापत ने अपने परिवार और अन्य परिवारों के उदाहरणों के साथ आवेदन सौंपते हुए बताया कि मतदाता सूची में ऐसी त्रुटियां बड़े स्तर पर हैं, जिनका समय रहते सुधार जरूरी है ताकि मतदाताओं को नुकसान न हो.

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कांग्रेस ने भी उठाया मुद्दा

SIR प्रक्रिया के दौरान दावे-आपत्तियों के निराकरण की जानकारी आयोग के निर्देशानुसार राजनीतिक दलों को हर सप्ताह उपलब्ध कराने की बात कही गई थी. लेकिन राजनीतिक दलों का कहना है कि उन्हें नियमित रूप से संतोषजनक जानकारी नहीं मिल रही. इस बीच बुधवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय लक्ष्मी तंवर और जिला प्रभारी अंकुश भटनागर ने संयुक्त आवेदन देकर जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की कि आयोग के निर्देशों के अनुसार दावे-आपत्तियों के निराकरण की साप्ताहिक रिपोर्ट नियमित रूप से दी जाए.

मतदाता सूची में सुधार सबसे बड़ी जरूरत

ड्राफ्ट रोल के सामने आने के बाद बढ़ती शिकायतें यह संकेत दे रही हैं कि मतदाता सूची में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना अब प्राथमिकता बन चुका है. एक ही परिवार के नाम अलग-अलग स्थानों पर दर्ज होने जैसी त्रुटियां यदि समय रहते नहीं सुधारी गई, तो मतदाताओं को मतदान के दिन कठिनाई हो सकती है.

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SIR प्रक्रिया को लेकर शुरुआत से ही है 'भ्रम'

दरअसल, SIR को लेकर शुरुआत से ही संवाद और स्पष्ट जानकारी की कमी के चलते मतदाताओं में कई सवाल और भ्रम की स्थिति बनी रही. हालांकि, जिला निर्वाचन कार्यालय ने सूची सुधार के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए. तय व्यवस्था के तहत बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) की तैनाती की गई, उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया और BLO को पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा बताया गया. यह दावा भी किया गया कि BLO ने अपने-अपने मतदान केंद्र क्षेत्रों में डोर-टू-डोर संपर्क कर दस्तावेज जुटाए और मतदाताओं का फिजिकल वेरिफिकेशन 100 प्रतिशत पूरा किया. निर्वाचन कार्यालय द्वारा इस उपलब्धि का प्रचार भी किया गया. SIR प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्वाचन आयोग ने अवधि को दो से अधिक बार बढ़ाया था.

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अब देखना होगा कि जिला निर्वाचन कार्यालय इन आवेदनों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और ड्राफ्ट रोल की गलतियों को अंतिम सूची में जाने से पहले कितना ठीक किया जाता है.

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