Religious Conversion In School: हे भगवान! स्कूल में शिक्षक बना रहा था धर्मांतरण का दवाब, ऐसी खुली पोल!

Conversion: आरोपी शिक्षक की प्रताड़ना के शिकार छात्र-छात्राओं की शिकायत के बाद जिला प्रशासन से शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं. सरकारी स्कूल में धर्मांतरण की घटना सामने के आने के बाद अभिभावक हतप्रभ हैं.

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SCHOOL TEACHER ACCUSES FOR PRESSURING TO CONVERT FROM HINDU TO BAUDH IN SINGRAULI, MP

Religious Conversion In MP: मध्य प्रदेश में सरकार की तमाम सख्तियों के बावजूद धर्मांतरण के मामले थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामला सिंगरौली जिले से सामने आया है, जहां सरकारी स्कूल के एक शिक्षक पर छात्रों पर धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगा है. एक शिक्षक द्वारा विद्यालय में धर्मांतरण का मामला बेहद चौंकाने वाला है.

आरोपी शिक्षक की प्रताड़ना के शिकार छात्र-छात्राओं की शिकायत के बाद जिला प्रशासन से शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए है, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं. सरकारी स्कूल में धर्मांतरण की घटना सामने के आने के बाद अभिभावक हतप्रभ हैं.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, सिंगरौली जिले के करेला गांव के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने कलेक्टर ऑफिस में दर्ज  एक शिकायत में विद्यालय में तैनात शिक्षक दशरथ साकेत पर जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाया था. छात्र-छात्राओं ने शिकायत में कहा कि आरोपी शिक्षक हिंदू धर्म से जुड़े बच्चों को परेशान करता है.

मां सरस्वती की पूजा करने पर तंग करता है शिक्षक

छात्रों का आरोप है कि शिक्षक दशरथ साकेत के द्वारा स्कूल में बौद्ध धर्म के लिए प्रेरित किया जाता है, जबकि मां सरस्वती की पूजा करने पर परेशान किया जाता है. शिक्षक प्रभु राम का नाम लेने पर भी उन्हें सजा देता था. यही नहीं, हिंदू धर्म से जुड़े धार्मिक गाने एवं धार्मिक कार्यक्रम से दूरी बनाने के लिए उन पर दवाब बनाता है.

छात्रों का आरोप है कि बौद्ध धर्म की ओर प्रेरित करने के लिए शिक्षक उन पर अक्सर दबाव बनाता है, जब कुछ छात्रों ने आरोपी शिक्षक का वीडियो बना लिया, तो शिक्षक ने छात्रों का मोबाइल फोन जब्त कर लिया और वीडियो को मोबाइल फोन से डिलीट करने के लिए दबाव डाला.

जिला कलेक्टर बोले, जल्द ही टीम पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करेगी

छात्रों की शिकायत के बाद जिला कलेक्टर ने प्रशासनिक स्तर पर मा्मले की जांच का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि जल्द ही एक टीम का गठन किया जाएगा जो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करेगी. जिला शिक्षा अधिकारी एसबी सिंह ने कहा कि किसी भी शिक्षक द्वारा बच्चों को किसी भी प्रकार से धार्मिक गतिविधियों में बाधित करने की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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