VIDEO: एमपी में पुलिस थाने पर हमला! ग्रामीणों ने फेंके पत्थर, बरसाई लाठियां और चप्पल

सिंगरौली के मोरवा में 15 वर्षीय किशोर की हत्या के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और सैकड़ों लोग थाने पहुंचकर हंगामा करने लगे. ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि जांच में खुलासा हुआ कि सिगरेट पीने को लेकर हुए विवाद में किशोर की हत्या उसके दो दोस्तों ने की थी.

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Singrauli Youth Murder Case: एमपी के सिंगरौली में एक 15 वर्षीय किशोर की हत्या के बाद हालात बिगड़ गए. गुस्से से भरे ग्रामीण बड़ी संख्या में मोरवा थाने के बाहर जुटे, जहां उन्होंने नारेबाजी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की. भीड़ के उग्र होते ही पुलिस बल तैनात करना पड़ा. इस बीच, पुलिस ने किशोर की हत्या के मामले में उसके दो दोस्तों को हिरासत में लेकर बड़ा खुलासा किया है.

लापता से लेकर शव मिलने तक की पूरी घटना

दरअसल, साइन नगर निवासी पवन शाह 9 मार्च की रात करीब 9 बजे घर से निकला और वापस नहीं लौटा. परिजनों ने उसी रात मोरवा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई. बुधवार को मोरवा–चितरंगी मार्ग किनारे झाड़ियों में पवन का शव मिला, जिसके बाद इलाके में तनाव और गुस्सा फैल गया.

पुराने विवाद से बनी हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि होली के दिन सिगरेट पीने की बात पर पवन और उसके दोस्त सुधांशु गुप्ता के बीच तीखी बहस हुई थी. आरोप है कि इसी रंजिश में सुधांशु ने अपने साथी इरशाद खान के साथ मिलकर साजिश रची. सोमवार को सुधांशु पवन को शराब पिलाने के बहाने बाइक से सुनसान जगह ले गया, जहां दोनों ने पहले गला दबाया, फिर पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी.

दो आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में कबूला जुर्म

एसडीओपी के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुधांशु गुप्ता और मोहम्मद इरशाद को हिरासत में लिया गया. पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया. पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष अन्वेषण दल गठित किया है, जो महत्वपूर्ण भौतिक और तकनीकी सबूत जुटा रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी.

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मृतक युवक।

थाने के बाहर बवाल- नारेबाजी, पत्थरबाजी और तोड़फोड़

किशोर की हत्या की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में मोरवा थाने पहुंच गए. भीड़ ने थाने के बाहर नारेबाजी की, गेट पर तोड़फोड़ की और पत्थर फेंके. हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन कई घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा. स्थिति को काबू में करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया. एलडीओपी राहुल का कहना है कि मामला संवेदनशील है और हर कोण से जांच की जा रही है. थाने में मौजूद बल और अधिकारियों ने हालात संभाले. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी.