मध्य प्रदेश के सीधी जिले में 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती पर रैली के दौरान मारपीट, व थाने में घुसकर तोड़फोड़ एवं हंगामा करने वाले 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. कोर्ट में पेश करने के बाद सभी को जिला जेल भेज दिया है. मामला अमिलिया बाजार थाना क्षेत्र का है.
दरअसल, अमिलिया बाजार से हटवा सभा स्थल के लिए एक रैली निकाली जा रही थी. रैली जब अमिलिया हायर सेकेंडरी स्कूल के पास पहुंची, तब सड़क किनारे खड़ी एक बोलेरो के कारण यातायात बाधित होने (जाम लगने) की स्थिति बन गई. इस दौरान बोलेरो चालक मनीष तिवारी और रैली में शामिल पक्ष के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट एवं हंगामा में बदल गई.
थाने पर हमला और शासकीय संपत्ति की तोड़फोड़
घटना के कुछ समय बाद करीब 50-60 लोगों की उग्र भीड़ ने अचानक अमिलिया थाने का घेराव कर दिया. भीड़ की मांग थी कि मारपीट करने वाले दूसरे पक्ष के लोगों को तत्काल उनके हवाले किया जाए. पुलिस के समझाने के बावजूद भीड़ हिंसक हो गई और लाठी-डंडों व पत्थरों से थाने पर हमला कर दिया. यही नहीं सामने आए थाना प्रभारी राकेश व्यास एवं वन्य पुलिस कर्मियों को भी पत्थरबाजी की, जिसमें उनको चोट भी आई हैं. किसी तरह पुलिसवालों ने भागकर जान बचाई.
थाने के भीतर की तोड़फोड़
उपद्रवियों ने थाने के अंदर घुसकर फर्नीचर, पंखे, लाइट और खिड़कियों के कांच तोड़ दिए।. थाने की सुरक्षा के लिए लगे CCTV कैमरों और उनके तारों को क्षतिग्रस्त कर दिया. HCM रूम में घुसकर शासकीय कार्य में बाधा डाली और तोड़फोड़ की. इस हिंसक हमले में थाने के तीन कर्मचारी घायल हुए हैं.
पुलिस की कार्रवाई
अमिलिया बाजार में हंगामा देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा कई थानों के पुलिस बल को मौके पर बुलाया. अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचते ही उपद्रवी मौके से अपनी 11 मोटरसाइकिलें और 1 बोलेरो छोड़कर फरार हो गए, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला सीधी सहित मऊगंज, रीवा और सतना से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया है.
4 हुए गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
घटना के बाद अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. अन्य संदेही व्यक्तियों की पहचान की जा रही है. पहचान के आधार पर उनकी तलाश भी की जा रही है बताया गया कि वर्तमान में क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम है.