लोकसभा में उठा सीधी के पर्यटन विकास और संरक्षण का मुद्दा, 1000 वर्ष पुराने चंद्रेह शिव मंदिर की हो रही अनदेखी

MP News in Hindi: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में पर्यटन विकास की अनदेखी होने से विकास रुका हुआ है. एक हजार वर्ष पुराने चंद्रेह शिव मंदिर का विकास अभी नहीं हो पाया है. वहीं, बीरबल की जन्मस्थली की भी अनदेखी हो रही है.

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Sidhi Development: लोकसभा में एक बार फिर मध्य प्रदेश का सीधी जिला चर्चा में आया है. इस बार सीधी के सांसद ने जिले में पर्यटन विकास, प्राचीन पुरातत्व, चर्चित धार्मिक स्थलों को पर्यटन में शामिल करने की मांग की है. सांसद डॉ राजेश मिश्रा ने जिले के चंद्रेह शिव मंदिर और बीरबल की जन्मस्थली घोघरा देवी मंदिर के साथ ही सिंगरौली जिले के माड़ा की गुफाओं के पर्यटन के लिए विस्तार का मुद्दा उठाया है.

सीधी जिले का चंद्रेह शिव मंदिर करीब एक हजार वर्ष पुराना है, जो बलुआ पत्थर से बना हुआ है. उन्होंने कहा कि शिव मंदिर आज तक प्रशासनिक की अनदेखी का शिकार है. जितना विकास और उत्थान इस प्राचीन धरोहर का होना चाहिए, वो अभी तक नहीं हो पाया है.

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ऐसे में सांसद डॉक्टर राजेश मिश्रा ने शिव मंदिर के विस्तार एवं उत्थान के लिए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के सामने लोकसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया.

बीरबल की जन्मस्थली है घोघरा

सीधी जिले में घोघरा देवी मंदिर अति प्राचीन मंदिर है. यहीं बीरबल की जन्मस्थली है, लेकिन नाम के अनुरूप यहां कुछ विकास नहीं हो पाया है. प्राचीन मंदिर होने के कारण दूर-दूर से लोग आते हैं और पूजा-अर्चना कर चले जाते हैं, लेकिन विकास और उत्थान की बात करें तो यहां अभी व्यवस्था ठीक नहीं हो पाई है. विकास को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं.

ऐसे में सांसद ने बीरबल की जन्मस्थली को लेकर जो बातें रखी हैं, उसके अनुरूप अगर यहां का विकास एवं उत्थान होता है तो निश्चित तौर पर पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

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आकर्षण का केंद्र हैं माड़ा की गुफाएं

डॉ राजेश मिश्रा ने माड़ा की अति प्राचीन गुफाओं का जिक्र किया है. बताया गया कि यह गुफाएं आकर्षण का केंद्र हैं और दूर-दराज से लोग भ्रमण के लिए आते हैं. यहां की सुंदरता देखने लायक है. प्रशासनिक उपेक्षा इस पर बट्टा लगाए हुए हैं.

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