ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत, परिजनों ने किया हंगामा, पूर्व CMHO पर लगाए पैसे मांगने के आरोप

सीधी जिला अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान प्रसूता की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया. परिजनों ने पूर्व CMHO और महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता तिवारी पर 20 हजार रुपये मांगने, निजी अस्पताल भेजने का दबाव बनाने और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं.

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मध्य प्रदेश के सीधी जिला अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. सोमवार को ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत हो गई, जिसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. परिजनों ने अस्पताल की वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ और पूर्व सीएमएचओ डॉ. सुनीता तिवारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए चिकित्सकीय लापरवाही, पैसे मांगने और निजी अस्पताल में इलाज कराने का दबाव बनाने की बात कही है. 

घटना के बाद जिला अस्पताल में तनाव का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला. फिलहाल मामले की जांच की बात कही जा रही है, जबकि परिजन निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती

जानकारी के मुताबिक, सीधी जिले के ग्राम सोनाखाड निवासी दयावती जायसवाल को प्रसव पीड़ा होने पर एक दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिवार को उम्मीद थी कि अस्पताल में सुरक्षित प्रसव होगा, लेकिन ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो जाने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

परिजनों ने लगाए पैसे मांगने के आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ एवं पूर्व सीएमएचओ डॉ. सुनीता तिवारी द्वारा कथित रूप से 20 हजार रुपये की मांग की गई थी. इतना ही नहीं, परिजनों का कहना है कि उन्हें जिला अस्पताल के बजाय निजी नर्सिंग होम में ऑपरेशन कराने के लिए भी दबाव डाला गया. हालांकि इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

ऑपरेशन थिएटर में ले के बाद मिली मौत की खबर

मृतका के देवर ने बताया कि महिला को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया था. उनका आरोप है कि कुछ ही मिनट बाद अस्पताल की ओर से उन्हें उसकी मौत की सूचना दे दी गई. अचानक मिली इस खबर से परिजन हैरान रह गए और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगना शुरू कर दिया.

परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने महिला का शव देखा तो उसका शरीर नीला और पीला पड़ा हुआ था. इसी वजह से उन्हें मौत के कारणों को लेकर संदेह हुआ. परिवार का आरोप है कि पूरे मामले में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए.

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अस्पताल परिसर में हुआ विरोध प्रदर्शन

प्रसूता की मौत के बाद परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए. उन्होंने जिला अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की. काफी देर तक अस्पताल में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर विकास मिश्रा, एडिशनल एसपी कमला जोशी और भारी पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंचा. अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया और मामले की जांच का भरोसा दिलाया.