Wheat Crop Damaged in Shivpuri: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शुक्रवार को हुई बे मौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. प्राथमिक जानकारी में जो आंकड़े सामने आए हैं, उसके मुताबिक इलाके के तकरीबन 2000 हेक्टेयर खेतों में खड़ी फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है. सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं की फसल को हुआ है. प्रशासनिक अमले ने फसलों की नुकसान का जायजा लेने के लिए सर्वे टीमों को मैदानी इलाकों में उतरने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं और दो दिन में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है.
डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों में भारी बारिश के साथ गिरे थे ओले
शुक्रवार दोपहर शिवपुरी शहर सहित नोहरी कला, सिंह निवास, दरौंनी, बामौरकला, रामखेड़ी, बिलारा, जसराजपुर और ठर्रा जैसे लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा गांवों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई थी. इस दौरान खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसलें बर्बाद हो गईं. वहीं प्याज की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा.प्रशासन और कृषि विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं.
इतने हेक्टेयर में गेहूं की फसल को पहुंचा नुकसान
कृषि विभाग के उप संचालक पान सिंह करौरिया ने बताया कि शुरुआती आकलन में 20 से 30 प्रतिशत फसल नुकसान सामने आया है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दो दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी. जिला कृषि विभाग की प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सिरसोद में लगभग 200 हेक्टेयर, टोंका में 100 हेक्टेयर, भावखेड़ी में 500 हेक्टेयर, ठर्रा में 200 हेक्टेयर और सिंहनिवास में करीब 400 हेक्टेयर गेहूं की फसल प्रभावित हुई है. इसके अलावा जसराजपुर, रामखेड़ी, नोहरीकला और चंदनपुर सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी फसलों को नुकसान की खबर सामने आई है.
कृषि विभाग के मुताबिक, गेहूं के अलावा अन्य रबी फसलों में भी 20 से 22 प्रतिशत तक नुकसान की आशंका है. सर्वे पूरा होने के बाद प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा देने के प्रयास शुरू किए जाएंगे.
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