Ujjain Mahakal Mahashivratri: शिव नवरात्रि के आठवें दिन बाबा महाकाल ने उमा महेश रूप में भक्तों को दर्शन दिए. जिसे देख श्रद्धालु अभिभूत हो गए. दरअसल, शिव नवरात्रि के आठवें दिन बाबा महाकाल को उमा महेश स्वरूप में श्रृंगार किया गया. इस दौरान श्रद्धालुओं ने महाकाल के जयकारें लगाए. इस दौरान बाबा की गोद में पार्वती को विराजित किया गया. इससे पहले बाब महाकाल को शेषनाग, घटाटोप, होलकर, छबीना, मन महेश स्वरूप में श्रृंगार किया गया था.
उमा महेश स्वरूप में किया गया बाबा महाकाल को श्रृंगार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि पर्व मनाया जाता हैं. परंपरा के चलते 6 फरवरी से मंदिर में हर्षौल्लास से शिव नवरात्रि पर्व मनाया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक दिन बाबा का विशेष स्वरूप में श्रृंगार किया जा रहा है.
जानिए उमा महेश स्वरूप का महत्व
बता दें कि शास्त्रों में शिव नवरात्रि पर बाबा महाकाल के सभी श्रृंगार का अलग अलग महत्व बताया गया है. आठवें दिन बाबा का मन महेश स्वरूप श्रृंगार किया गया. इस दौरान भगवान महाकाल के साथ मां पार्वती भी दिखाई दीं. माना जाता है कि एक साथ शिव और पार्वती के दर्शन करने से मन की इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जो इच्छा लेकर श्रद्धालु भगवान महाकाल के दरबार आता है. वो खाली हाथ नहीं जाता है.
14 और 15 फरवरी को इस स्वरूप में नजर आएंगे बाबा महाकाल
14 फरवरी को भगवान महाकाल को शिवतांडव स्वरूप में और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व पर सप्तधान्य श्रृंगार किया जाएगा.
ऐसे प्रारंभ होती है महाकाल की पूजा
शिव नवरात्रि के दौरान महाकाल मंदिर में सबसे पहले कोटितीर्थ पर स्थित कोटेश्वर महादेव की मुख्य पुजारी द्वारा भगवान का अभिषेक कर पूजन किया जाता हैं. इस दौरान गर्भगृह में 11 पुजारियों द्वारा एकादशी पूजन किया जाता हैं.
ये भी पढ़ें: महाशिवरात्रि 2026: उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में VIP दर्शन कैसे करें? टिकट कीमत व बुकिंग प्रक्रिया