शर्मनाक ! 'छेड़छाड़'में मध्यप्रदेश सबसे आगे, पूरे देश में इंदौर का नंबर छठा

मध्यप्रदेश एक और मोर्चे पर पूरे देश में सबसे आगे है...लेकिन, ये ऐसा रिकॉर्ड है जिस पर शायद ही सूबा इतराना चाहेगा क्योंकि ये शर्मनाक रिकॉर्ड है छेड़खानी या यूं कह लें महिलाओं से अश्लील हरकतें और गंदे कमेंट करने का. NCRB द्वारा जारी ताजा डाटा कहता है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश महिलाओं के साथ छेड़खानी करने के मामले में सबसे अव्वल है.

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मध्यप्रदेश एक और मोर्चे पर पूरे देश में सबसे आगे है...लेकिन, ये ऐसा रिकॉर्ड है जिस पर शायद ही सूबा इतराना चाहेगा क्योंकि ये शर्मनाक रिकॉर्ड है छेड़खानी या यूं कह लें महिलाओं से अश्लील हरकतें और गंदे कमेंट करने का. NCRB द्वारा जारी ताजा डाटा कहता है कि पूरे देश में मध्यप्रदेश महिलाओं के साथ छेड़खानी करने के मामले में सबसे अव्वल है. पूरे देश में 2022-23 में जितने मामले दर्ज हुए उसमें से अकेले 39 फीसदी मध्यप्रदेश से है. शर्मनाक ये भी है जिस शहर को राष्ट्रपति ने देश में सबसे साफ शहर का तमगा दिया वो भी छेड़खानी के मामले में पूरे देश में छठे नंबर पर है. इन आंकड़ों के बाद भी राज्य की पुलिस का दावा है कि वो तत्पर कार्रवाई करती है और मामले कम हो रहे हैं. इस पर हम आगे बात करेंगे पहले नजर डाल लेते हैं आंकड़ों पर 

अब जरा ग्राउंड पर क्या हालात हैं इसको भी जान लेते हैं. NDTV की टीम ने राजधानी भोपाल के अलग-अलग कॉलेजों में जाकर हकीकत को जानना चाहा. जिसमें लड़कियों ने साफ कहा कि कॉलेज से निकलते समय हमें परेशानी होती है. लोग ग़लत-ग़लत कॉमेंट करते हैं. हम जाती हैं तो उनको जवाब नहीं दे पाती हैं. उनका कहना है कि जब हम बस में सफर कर रहे होते हैं तो लड़के बाज़ू में आकर खड़े हो जाते हैं. वो गलत तरीके से टच करते हैं..जिसे हमें काफी परेशानी होती है. वो आगे कहती हैं कि हम कहीं जा रहे होते हैं और लड़के गंदे कॉमेंट करते हैं तो हम डर जाते हैं क्योंकि हमें लगता है कि हम कुछ नहीं कर सकते हैं. हम उनसे लड़ भी नहीं सकते हैं.हालांकि भोपाल के महिला थाने की इंस्पेक्टर शिल्पा गौरव इससे ज्यादा इतेफाक नहीं रखतीं. 

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हमारे थाने में 15-20 मामले की प्रतिदिन दर्ज होते हैं और 3-5 मामले में समझौता होता है. हमारे यहां छेड़-छाड़ के मामले और रेप के मामले तो ज़्यादा नहीं आते हैं लेकिन घरेलू हिंसा के मामले दर्ज होते हैं

शिल्पा कौरव

इंस्पेक्टर,महिला थाना

दूसरी तरफ अशोका गार्डन के थाना प्रभारी जीतेन्द्र पाठक ऐसे मामलों में मुस्तैदी का दावा कर रहा हैं. उनका कहना है कि उन्होंने इसको लेकर इंतजाम किए हैं और पेट्रोलिंग बढ़ा दी है. 

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छेड़-छाड़ संबंधी जो मामले हैं,उसमें हमने डार्क स्पॉट चिन्हित किए हुए हैं. स्कूल,कॉलेज और कोचिंग इंस्टीट्यूट के आसपास हमारी पेट्रोलिंग टीम तैनात रहती है. पिछले छह साल के मुताबिक़ इस साल आंकड़ों में कमी भी आई है.

जीतेन्द्र पाठक

थाना प्रभारी, अशोका गार्डन

 जाहिर है पुलिस चाक-चौंबद व्यवस्था का तो दावा कर रही है लेकिन हालात क्या हैं वो NCRB के आंकड़े और खुद ग्राउंड पर छात्राएं बता रही हैं. ऐसे में जरूरत है कि और सख्ती की जाए और समाज भी इस बारे में गंभीरता से सोचे. 

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