Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में खाद की कालाबाजारी मामले में कलेक्टर ने कड़ा एक्शन लेते हुए दो सोसायटी संचालकों को सस्पेंड कर दिया है.
हुआ खुलासा
जिले की टिकुरी और जैतपुर सहकारी समितियों में बड़े पैमाने पर खाद की कालाबाजारी हो रही थी. इसकी शिकायत मिलने पर जांच की गई. SDM के द्वारा की गई जांच में किसानों के हक का सैकड़ों बोरी यूरिया खाद ब्लैक में बेच दिए जाने की पुष्टि हुई है. खुलासा होने पर कलेक्टर डॉ.केदार सिंह ने दोनों समितियो के प्रबंधक को सस्पेंड कर दिया है.
पहला प्रकरण जैतपुर समिति
25 अगस्त को लैम्पस समिति जैतपुर के पूर्व खाद्य गोदाम खोरी का निरीक्षण किया गया.जांच में पाया गया कि समिति प्रबंधक यमुना प्रसाद मिश्र ने बिना अधिकृत किसानों को 346 बोरी यूरिया खाद को वितरण कर दिया, स्टॉक रजिस्टर में 19 अगस्त को 600 बोरी यूरिया दर्ज था, 21 अगस्त को मात्र 270 बोरी शेष दर्ज पाई गई. मौके पर 254 बोरी यूरिया खाद दुकान पर मिला, जबकि बाकी खाद ब्लैक में बेचा गया.
इस गड़बड़ी के चलते सैकड़ों किसान खाद से वंचित रहे. कलेक्टर ने यमुना प्रसाद मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर केंद्रीय सहकारी बैंक शहडोल में अटैच कर दिया.
दूसरा प्रकरण टिहकी समिति
इसी तरह जनपद पंचायत जयसिंहनगर की ग्राम टिहकी स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति का है. यहां भी भारी अनियमितता पाई गई.समिति प्रबंधक राजेश अवस्थी द्वारा 251 बोरी यूरिया खाद बिना पंजीकृत किसानों को बांटा गया.खाद वितरण के लिए POS मशीन का उपयोग नहीं किया गया. भौतिक निरीक्षण में गोदाम में स्टॉक शून्य मिला, जबकि मशीन में 14.58 टन यूरिया स्टॉक प्रदर्शित हो रहा था.13 बोरी यूरिया का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला. प्रशासन ने इसे स्पष्ट रूप से कालाबाजारी करार दिया और अवस्थी को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर केंद्रीय सहकारी बैंक शहडोल में अटैच कर दिया.
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