Friend Murdered: सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र में हुई एक अंधी हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. पुलिस ने हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से करीब 2 लाख 40 हजार रुपये के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं. आरोपी ने सोने-चांदी के गहनों के लालच में आकर अपने ही साथी की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी.
नाले के किनारे एक युवक का मिला था शव
बीते 27 फरवरी को कोलगढ़ी बांध डुडही नहर के पास नाले के किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिला था. नागौद पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर मर्ग कायम कर जांच शुरू की. घटनास्थल पर एमपी 19 एमजेड 1373 मोटरसाइकिल मिलने पर उसकी जांच की गई. बाइक की टंकी कवर में मिले दस्तावेजों के आधार पर मृतक की पहचान मैहर के अमदरा के गोरइया कला के रहने वाले अनिल पटेल उर्फ भोक्का (28 वर्ष) के रूप में हुई.
पीएम से हुआ था हत्या का खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के सिर, कान और माथे पर गंभीर चोटें पाई गईं, जिससे हत्या की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी. जांच के दौरान पुलिस ने क्षेत्र के दुकानदारों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की. पता चला कि मृतक को 25 से 27 फरवरी के बीच डुडही निवासी गोलू चौधरी के साथ शराब पीते देखा गया था. पुलिस ने जब गोलू चौधरी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या की वारदात कबूल कर ली.
सोना-चांदी के लालच में दोस्त की हत्या
आरोपी ने बताया कि शराब पीते समय उसने मृतक के पास सोने-चांदी के जेवरात देखे, जिससे उसके मन में लालच आ गया. 27 फरवरी को उसने अनिल पटेल को दोबारा शराब पिलाई और उसकी ही मोटरसाइकिल से सरिया नहर के पास ले गया. वहां उसने मृतक को ज्यादा शराब पिलाई और खुद कम पी. इसके बाद पीछे से पत्थर से सिर पर दो बार वार कर उसकी हत्या कर दी.
2.40 लाख के जेवर बरामद
हत्या के बाद आरोपी ने मृतक की जेब से सोने-चांदी के जेवरात निकालकर कुछ दूरी पर छिपा दिए थे. पुलिस ने आरोपी गोलू चौधरी (23) निवासी डुडही थाना नागौद को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 2 लाख 40 हजार रुपये के जेवरात बरामद कर लिए. मामले में धारा 311 बीएनएस भी बढ़ाई गई है. आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है. इस पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक पाण्डेय, उपनिरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक एस.एल. रावत, प्रधान आरक्षक रामकिशोर, राजेन्द्र पाण्डेय, संतोष सिंह, आरक्षक अनिल साकेत, किशन सिंह और ओमप्रकाश की सराहनीय भूमिका रही.