रेत माफियाओं ने खुलेआम थाने में घुसकर मचाया तांडव, बंदूक की नोक पर छुड़ा ले गए अवैध रेत से भरा वाहन

सिंगरौली जिले के चितरंगी थाने में वन विभाग की टीम ने अवैध रेत से भरा वाहन जब्त कर चितरंगी थाने में जैसे ही प्रवेश कराया जा रहा था, उसी दौरान एक गाड़ी से दर्जनों लोग पहुंचे और बंदूक  दिखाकर वनरक्षक को धमकाने लगे. स्थिति उस समय भयावह हो गई, जब आरोपियों ने वनरक्षक पर गाड़ी से कुचलने की बात कही, इसके बाद अवैध रेत से भरे वाहन को छुड़ा कर ले गए. यह घटना थाने में पुलिस के सामने सामने घटित हुई, लेकिन पुलिस देखती रह गई.

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Sand Mafia news: मध्य प्रदेश (madhya Pradesh) के सिंगरौली (Singrauli) जिले में अवैध रेत माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्हें न कानून का डर है, न पुलिस का खौफ. ताजा घटना ने पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है. आरोप है कि थाने में खड़े अवैध रेत से भरे वाहन को हथियारबंद दबंगों ने बंदूक की नोक पर छुड़ा लिया और पुलिस देखती रह गई.

बताया जा रहा है कि सिंगरौली जिले के चितरंगी थाने में वन विभाग की टीम ने अवैध रेत से भरा वाहन जब्त कर चितरंगी थाने में जैसे ही प्रवेश कराया जा रहा था, उसी दौरान एक गाड़ी से दर्जनों लोग पहुंचे और बंदूक  दिखाकर वनरक्षक को धमकाने लगे. स्थिति उस समय भयावह हो गई, जब आरोपियों ने वनरक्षक पर गाड़ी से कुचलने की बात कही, इसके बाद अवैध रेत से भरे वाहन को छुड़ा कर ले गए. यह घटना थाने में पुलिस के सामने सामने घटित हुई, लेकिन पुलिस देखती रह गई.

‘हथियारों का खेल'

वन विभाग की टीम ने अवैध रेत परिवहन कर रहे एक वाहन को जब्त कर थाने में खड़ा कराया था. देर रात अचानक कुछ लोग गाड़ियों से पहुंचे. हाथों में हथियार, आंखों में दबंगई और सीधे थाने के अंदर एंट्री की. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने वन कर्मियों को धमकाया, गाली-गलौज की और बंदूक लहराते हुए जब्त वाहन को लेकर फरार हो गए. इस घटना से पुलिस पर कई सवालियां निशान खड़े हो गए है.

वारदात से पुलिस पर उठे सवाल

इस वारदात से कई सवाल खड़े कर दिए है. सबसे बड़ा सवाल ये है कि पुलिस वालों के सामने रेत माफिया कैसे तांडव मचाते रहे. क्या ‘ऊपर' से किसी के दबाव में चुप्पी साध ली गई थी? घटना के बाद पुलिस महकमे में सन्नाटा है. आधिकारिक बयान अब तक सामने नहीं आया, लेकिन चर्चा गर्म है कि आखिर थाने जैसी सुरक्षित जगह से वाहन कैसे निकल गया? क्या सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे? क्या आरोपियों की पहचान हो चुकी है? क्या किसी पुलिसकर्मी की मिलीभगत थी?

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जिले में अवैध रेत उत्खनन कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार मामला सीधे कानून को चुनौती देने का है. अगर बंदूक की नोंक पर थाने से वाहन छुड़ाया जा सकता है, तो यह साफ संकेत है कि माफिया का नेटवर्क कितना ताकतवर है. फिलहाल,  वनरक्षक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, पुलिस मामले की जांच करने की बात कर रही है, लेकिन इस घटना से पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए है.

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