MP के संविदा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी; संविदा संयुक्त संघर्ष मंच से CM मोहन यादव ने कर दीं ये घोषणाएं

Samvida Karmi MP: मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदाकर्मियों ने अपनी निष्ठा से सिद्ध किया है कि सेवा पद से बड़ी होती है. उन्होंने कहा कि संविदाकर्मी सिर्फ सरकार का कार्यबल नहीं, बल्कि राज्य सरकार का आत्मबल हैं.

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MP के संविदा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी; संविदा संयुक्त संघर्ष मंच से CM मोहन यादव ने कर दीं ये घोषणाएं

Samvida Karmchari Adhikari Sammelan Bhopal: मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने शुक्रवार को टीटी नगर दशहरा मैदान में भारतीय मजदूर संघ द्वारा आयोजित मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के 'संविदा कर्मचारी-अधिकारी सम्मेलन' कहा कि राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में संविदाकर्मियों के श्रम, निष्ठा और विश्वास का सबसे बड़ा योगदान है. उन्होंने संविदाकर्मियों की भूमिका को हनुमान जी के समान बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, नगरीय निकाय, तकनीकी सेवाओं सहित हर क्षेत्र में मैदानी स्तर पर सर्वे, मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन में संविदाकर्मी शासन-प्रशासन के भरोसेमंद स्तंभ बने हुए हैं.

'सेवा पद से बड़ी, संविदाकर्मी हमारा आत्मबल'

मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदाकर्मियों ने अपनी निष्ठा से सिद्ध किया है कि सेवा पद से बड़ी होती है. उन्होंने कहा कि संविदाकर्मी सिर्फ सरकार का कार्यबल नहीं, बल्कि राज्य सरकार का आत्मबल हैं. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार संविदा कर्मियों के अधिकारों के लिए सदैव सकारात्मक भाव के साथ खड़ी है. राज्य सरकार द्वारा संविदा कर्मियों के सेवा सुधार, पारिश्रमिक सुधार, कार्य परिस्थिति और भविष्य के सुधारों पर पहले भी सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, भविष्य में भी उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा. हमारी सरकार संविदा कर्मियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सभी मुद्दों का समाधान निकालेगी. संविदा कर्मचारियों के लिए जो भी निर्णय हो सकते हैं, उससे अधिक करने का प्रयास करेंगे. नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहते हुए संविदाकर्मियों की कठिनाइयों का हल निकाला जाएगा. मध्यप्रदेश संविदा संयुक्त संघर्ष मंच, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के साथ समन्वय करते हुए सभी कठिनाइयों का समाधान इस प्रकार किया जाएगा, जिससे संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हों. संविदाकर्मियों की उचित मांगों पर राज्य सरकार संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ उनका सहयोग करेगी.

डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार संविदा कर्मियों के सेवा सुधार, पारिश्रमिक सुधार और कार्य परिस्थितियों में सुधार के लिए पहले भी कई महत्वपूर्ण निर्णय ले चुकी है और भविष्य में भी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा. 

उन्होंने कहा कि नियम, न्याय और वित्तीय संतुलन के दायरे में रहते हुए संविदाकर्मियों की कठिनाइयों का समाधान निकालने के लिए विभागों के बीच समन्वय बनाया जाएगा, ताकि संविदाकर्मियों का सम्मान और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हों.

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ये प्रमुख घोषणाएं कीं

  • संविदाकर्मियों की मांगों पर पूरा ध्यान रखा जाएगा.
  • 10 वर्ष से अधिक अनुभवी संविदाकर्मियों को नियमित पदों पर संविलियन की अभी तक 50 प्रतिशत पदों के लिए प्रक्रिया जारी है, इस दिशा में आगे और काम किया जाएगा.
  • सामान्य प्रशासन विभाग संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी कंडिकाओं का केंद्र और राज्य पोषित परियोजनाओं में अक्षरश: क्रियान्वयन किया जाएगा. राज्य शासन के निगम मंडल इसे लागू करेंगे.
  • संविदा नीति-2023 के अंतर्गत सभी विभागों में संविदा कर्मियों के लिए एनपीएस, ग्रेज्युटी, स्वास्थ्य बीमा लाभ, अनुकंपा नियुक्ति के लिए केंद्र पोषित-राज्य पोषित समस्त योजनाओं-परियोजनाओं में एक साथ क्रियान्वयन तथा संविदा कर्मियों के लिए प्रावधान सीसीए रूल 1965, 1966 को पूर्णत: लागू करने के संबंध में नीतिगत निर्णय कराया जाएगा.
  • विभिन्न विभागों, योजना, परियोजना में पदस्थ संविदा कर्मचारियों की विसंगतिपूर्ण समकक्षता के निर्धारण के लिए अभ्यावेदनों का निराकरण, संविदा के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा समय-सीमा में किया जाएगा.
  • कृषि विभाग की आत्मा योजना, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी, जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्रों में संविदा नीति-2023 के तहत समकक्षता का निर्धारण किया जाएगा.

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