गढ़ाकोटा का पारंपरिक रहस मेला अब संस्कृति विभाग की देखरेख में, CM मोहन यादव की घोषणा पर अमल शुरू

MP News: अब रहस मेला न केवल क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सहेजेगा, बल्कि यह स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करेगा और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी.

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Madhya Pradesh News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा को औपचारिक रूप से अमल में लाया गया है. अब गढ़ाकोटा में हर वर्ष आयोजित होने वाला पारंपरिक रहस मेला संस्कृति विभाग की देखरेख में आयोजित होगा. इस संबंध में संस्कृति विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं.

CM ने की थी घोषणा

जारी आदेश के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के वार्षिक कला पंचांग में रहस मेले को विधिवत रूप से शामिल कर लिया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 28 फरवरी 2025 को गढ़ाकोटा प्रवास के दौरान इस फैसले की घोषणा की थी. अब इस घोषणा को घोषणा क्रमांक डी-0533 के तहत पूर्ण मानते हुए विभाग ने मुख्यमंत्री कार्यालय से इसे लंबित सूची से हटाने का अनुरोध भी किया है.

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इस ऐतिहासिक निर्णय के पीछे पूर्व मंत्री और क्षेत्रीय विधायक गोपाल भार्गव की अहम भूमिका रही. उन्होंने इस आयोजन को राज्यस्तरीय दर्जा दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए और जनभावनाओं को सरकार तक पहुंचाया.

अब रहस मेला न केवल क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सहेजेगा, बल्कि यह स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करेगा और पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी.यह निर्णय गढ़ाकोटा सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है और इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी.

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